छत्तीसगढ़
धान परिवहन में गंभीर सुस्ती, 14 केन्द्रों में खरीदे गए धान का तीन चौथाई हिस्सा बाट जोह रहा
Shantanu Roy
20 Dec 2025 8:50 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। मंदिर हसौद और आरंग सहकारी बैंक शाखा के अधीन आने वाले 14 धान खरीदी केन्द्रों में खरीदे गए धान का परिवहन धीमी गति से होने के कारण किसानों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। बीते एक माह में खरीदे गए धान का महज एक चौथाई हिस्सा ही अब तक मिलर्स द्वारा उठाव के लिए परिवहन हुआ है, जबकि शेष तीन चौथाई हिस्सा परिवहन का बाट जोह रहा है। मंदिर हसौद शाखा के अधीन आने वाले टेकारी धान खरीदी केंद्र में तो स्थिति और गंभीर है। यहां लगभग 18 हजार क्विंटल धान जाम है और परिवहन के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं चंदखुरी शाखा के अधीन आने वाले नारा धान खरीदी केंद्र में अब तक खरीदे गए लगभग 25 हजार क्विंटल धान में से केवल 200 क्विंटल का ही परिवहन हुआ है।
कुल मिलाकर, इन 14 धान खरीदी केन्द्रों में अब तक खरीदे गए लगभग 2 लाख 25 हजार क्विंटल धान में से केवल 60 हजार क्विंटल का ही मिलर्स द्वारा उठाव किया गया है। बाकी 1 लाख 65 हजार क्विंटल धान का उठाव अभी भी लंबित है। किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने हाल ही में इन केन्द्रों का जायजा लिया और किसानों से सीधे मिलकर स्थिति की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रभावी परिवहन न होने के कारण कई केन्द्रों में खरीदी व्यवस्था लड़खड़ाने का खतरा है। यदि जल्दी उपाय नहीं किए गए तो धान सूखने के कारण सोसायटियों को आर्थिक हानि का भी सामना करना पड़ सकता है।
विस्तृत जानकारी के अनुसार, चंदखुरी शाखा के अधीन आने वाले खौली केन्द्र में खरीदे गए लगभग 17 हजार क्विंटल धान में से 15 हजार क्विंटल का उठाव अभी बाकी है। नगपुरा में 20 हजार क्विंटल में से 12 हजार का, चंदखुरी में 10 हजार में से 7 हजार का, मुनरैठी में 13 हजार में से 9 हजार का और नरदहा में 13 हजार में से 4 हजार क्विंटल धान का उठाव शेष है। मंदिर हसौद शाखा के अधीन आने वाले केन्द्रों में गनौद में 30 हजार में से 25 हजार, पलौद में 20 हजार में से 15 हजार, खुटेरी में 14 हजार में से 12 हजार, गोढ़ी में 35 हजार में से 25 हजार और मंदिर हसौद में 16 हजार में से 9 हजार क्विंटल धान परिवहन के लिए प्रतीक्षारत है।
सर्वाधिक बेहतर स्थिति पचेड़ा केंद्र की है, जहां 16 हजार क्विंटल धान में से केवल डेढ़ सौ क्विंटल धान परिवहन हेतु शेष है। नया रायपुर क्षेत्र में आने वाले बरौदा केन्द्र में महीने भर में खरीदे गए 21 सौ क्विंटल धान में से लगभग 12 सौ क्विंटल अभी तक परिवहन हेतु प्रतीक्षारत है। भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि यदि जल्द परिवहन की व्यवस्था नहीं की गई, तो खरीदी प्रक्रिया प्रभावित होने के साथ-साथ किसानों और सोसायटियों को गंभीर आर्थिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि सभी केन्द्रों में तुरंत प्रभावी परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों की मेहनत व्यर्थ न जाए और धान सुरक्षित रूप से मिलर्स तक पहुंच सके।
किसानों का कहना है कि खरीदी के समय उनके पास पर्याप्त क्षमता और संसाधन होते हैं, लेकिन परिवहन की सुस्ती के कारण उनकी फसल जमी हुई है। उन्होंने प्रशासन से मिलकर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि खरीदी केन्द्रों में जाम धान का उठाव शुरू हो सके और किसानों को लाभ मिल सके। स्थानीय कृषि अधिकारी भी इस स्थिति पर गंभीर हैं और मिलर्स के साथ समन्वय कर धान परिवहन की प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास कर रहे हैं। रायपुर में धान खरीदी और परिवहन की सुस्ती को देखते हुए यह स्पष्ट हो रहा है कि समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप और मिलर्स की सक्रिय भागीदारी ही इस संकट का समाधान कर सकती है।
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