छत्तीसगढ़

दुर्ग में एक करोड़ की सनसनीखेज चोरी का खुलासा, 9 आरोपी गिरफ्तार

Shantanu Roy
31 Oct 2026 8:06 PM IST
दुर्ग में एक करोड़ की सनसनीखेज चोरी का खुलासा, 9 आरोपी गिरफ्तार
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Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में डॉक्टर के सूने मकान से करीब एक करोड़ रुपये की नकदी और कीमती आभूषण चोरी करने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। वैशाली नगर थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात की जांच करते हुए दुर्ग पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ से लेकर महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश तक दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा। उनके कब्जे से 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, चोरी की रकम से खरीदी गई एक्सयूवी कार, मोटरसाइकिल और अन्य सामान सहित करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

हालांकि मामले का मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस के अनुसार, सुंदर नगर निवासी डॉक्टर नमिता मित्तल 17 अक्टूबर 2026 को अपने परिवार के साथ एक सप्ताह के लिए घर से बाहर गई थीं। जब वह 23 अक्टूबर की सुबह वापस लौटीं तो घर की अलमारी में रखी नकदी और सोने-चांदी तथा डायमंड के कीमती आभूषण गायब मिले। इतनी बड़ी चोरी की जानकारी मिलते ही परिवार के होश उड़ गए। पीड़िता की शिकायत पर वैशाली नगर थाने में अपराध क्रमांक 389/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305 में मामला दर्ज किया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर और नगर पुलिस अधीक्षक भिलाईनगर के नेतृत्व में वैशाली नगर थाना पुलिस तथा एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को राहुल बंसोड़ की संदिग्ध गतिविधियों का पता चला। बताया गया कि घटना के आसपास वह अपने साथियों के साथ क्षेत्र में घूमते देखा गया था। चोरी के बाद से उसका अचानक गायब होना भी पुलिस के संदेह को मजबूत कर रहा था।

महाराष्ट्र से उत्तरप्रदेश तक पुलिस ने किया पीछा
पुलिस ने राहुल और उसके साथियों की तलाश में गोंदिया तथा नागपुर में दबिश दी, लेकिन आरोपी लगातार ठिकाने बदलते रहे। इसके बाद तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर, प्रयागराज और भदोही पहुंची। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी गंगा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक नाव के जरिए आवाजाही कर रहे थे। स्थानीय पुलिस के सहयोग से लगातार निगरानी और घेराबंदी की गई। इसी दौरान पुलिस ने चोरी में शामिल प्रदीप कुमार चौधरी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घर के कमरे में फर्श के नीचे जमीन खोदकर छिपाए गए नकदी और सोने के आभूषण बरामद किए। आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए चोरी का माल अलग-अलग स्थानों पर छिपा रखा था।

ज्वेलर्स ने भट्टी में गलाकर बदल दिया सोने का स्वरूप
पूछताछ में सामने आया कि प्रदीप ने चोरी के कुछ सोने के आभूषण भदोही स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर बेच दिए थे। पुलिस के अनुसार, ज्वेलर्स ने कुछ आभूषणों को घर में रखी भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप बदल दिया था, ताकि चोरी के गहनों की पहचान नहीं हो सके। पुलिस ने सोनू जायसवाल को भी गिरफ्तार किया है। जांच में प्रदीप के रिश्तेदार सुजीत सिंह उर्फ बाबू की भूमिका भी सामने आई। पुलिस का कहना है कि उसने चोरी के आभूषण बिकवाने और माल खपाने में सहयोग किया था। इसके बदले उसे लाखों रुपये मिलने की जानकारी सामने आई है।

चोरी के पैसों से खरीदी कार और मोटरसाइकिल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि चोरी की रकम का इस्तेमाल आरोपियों ने अपने निजी खर्चों और वाहन खरीदने में किया। प्रदीप कुमार चौधरी ने घर में बोरिंग करवाने, मकान की मरम्मत और मोटर पंप लगवाने के साथ करीब एक लाख रुपये की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल खरीदी। वहीं मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ चोरी के बाद गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर और प्रयागराज होते हुए दिल्ली पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, उसने दिल्ली में चोरी की रकम से सेकंड हैंड एक्सयूवी कार खरीदी और उसी वाहन से भिलाई लौटा। पुलिस ने कार और मोटरसाइकिल दोनों जब्त कर ली हैं।

रात तीन बजे घेराबंदी कर आरोपियों को दबोचा
जांच में पुलिस को पता चला कि राहुल ने चोरी की नकदी और आभूषण अपने माता-पिता तथा भाई के पास छिपाकर रखे थे। जब वह चोरी का माल लेने भिलाई पहुंचा तो पुलिस की घेराबंदी की भनक लगते ही सुपेला चौक के आसपास अपनी एक्सयूवी छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद उसने भाई आयुष बंसोड़ और परिचितों को इनोवा वाहन की व्यवस्था कर चोरी का माल राजनांदगांव-नागपुर मार्ग की ओर ले जाने के लिए कहा। पुलिस ने संभावित रास्तों पर घेराबंदी की। तड़के करीब तीन बजे आरोपियों को वाहनों से आगे और पीछे से घेरकर पकड़ लिया गया। उनके कब्जे से इनोवा वाहन, नकदी और आभूषण बरामद हुए।

माता-पिता और भाई सहित नौ आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में प्रदीप कुमार चौधरी (20), सुजीत सिंह (32), सोनू जायसवाल (37), रविन्द्र बंसोड़ (49), किरण बंसोड़ (48), आयुष बंसोड़ (29), रेखचंद्र देवांगन (26), आकाश कुमार श्रीपाद (26) और अमन सिंह (25) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में चोरी की संपत्ति छिपाने, खरीदने, बेचने, परिवहन करने और फरार आरोपी को संरक्षण देने वाले लोग शामिल हैं। मामले में मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ की गिरफ्तारी अभी बाकी है।

47.64 लाख नकद सहित करीब एक करोड़ की संपत्ति जब्त
दुर्ग पुलिस ने आरोपियों से 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने के कंगन, चेन, लॉकेट, चांदी के आभूषण और बिस्किट बरामद किए हैं। इसके अलावा एक्सयूवी कार, सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, इनोवा वाहन, दो इलेक्ट्रॉनिक तराजू, डीवीआर, लैपटॉप, टैबलेट, पेटीएम मशीन, पावर बैंक और सात मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फरार मुख्य आरोपी की तलाश और चोरी की शेष संपत्ति की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। साथ ही अन्य व्यक्तियों की संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि लंबे समय के लिए घर से बाहर जाते समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस या डायल 112 पर दें।
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