गुप्त गोदाम पर छापा, खैर लकड़ी की अंतर्राज्यीय तस्करी का भंडाफोड़

पूछताछ में खैर लकड़ी की अवैध तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपी चालक और उसके साथी मेलाराम ने बताया कि गिरोह आसपास के जंगलों से खैर की कीमती लकड़ी काटकर सहसपुरी क्षेत्र में जमा करता था। इसके बाद लकड़ी को चांपा स्थित एक गुप्त गोदाम में पहुंचाया जाता था। रात लगभग एक बजे रायगढ़ की टीम ने चांपा के अकलतरा भांटा क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी की। इस कार्रवाई में वन विभाग चांपा का भी सहयोग रहा। छापे में भारी मात्रा में खैर लकड़ी बरामद की गई।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह रायगढ़ और चांपा को केंद्र बनाकर लकड़ी को ऊंचे दामों पर पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में बेचता था। वन विभाग ने प्रकरण में संबंधित आरोपियों के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। इस पूरे अभियान में उप वनमंडलाधिकारी तन्मय कौशिक, वन परिक्षेत्राधिकारी संजय लकड़ा तथा उड़नदस्ता प्रभारी संदीप नामदेव की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि जिले में कहीं भी अवैध वन अपराध की जानकारी मिलने पर मोबाइल नंबर +91-99263-21401 अथवा टोल फ्री नंबर 1800-233-2631 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। राज्य शासन की वन संरक्षण एवं हरित छत्तीसगढ़ की मंशा के अनुरूप वन संपदा की सुरक्षा हेतु ऐसे अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।





