छत्तीसगढ़

बच्चों से भरी स्कूल वैन सड़क से उतरी, चालक नशे में था आरोपी

Shantanu Roy
26 Sept 2025 11:35 PM IST
बच्चों से भरी स्कूल वैन सड़क से उतरी, चालक नशे में था आरोपी
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छग
Balrampur. बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से आज दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। वाड्रफनगर चौकी क्षेत्र के खरहरा जंगल के पास मॉर्निंग स्टार प्राइवेट स्कूल की बच्चों से भरी एक टाटा मैजिक वैन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई। गनीमत रही कि इस हादसे में वैन में सवार सभी बच्चों को केवल मामूली चोटें आईं और उनकी जान सुरक्षित रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्कूल की छुट्टी के बाद यह वैन बच्चों को लेकर उनके घरों की ओर लौट रही थी। खरहरा जंगल के मोड़ पर पहुंचते ही चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। वैन सीधे सड़क से नीचे उतर गई। हादसे के समय वैन में कई स्कूली बच्चे बैठे थे, जिन्हें चोटें आईं, लेकिन कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ।
नशे में था ड्राइवर
जानकारी मिली है कि वैन चालक नशे की हालत में था। इस वजह से उसने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और दुर्घटना हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल बच्चों को बाहर निकाला और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की। हादसे की सूचना पाकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। घटना की जानकारी मिलते ही वाड्रफनगर के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) मौके पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। हादसे में घायल वैन चालक को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन और वाहन चालक की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
बड़ा हादसा टला
स्थानीय लोगों की सतर्कता और बच्चों की किस्मत से एक बड़ा हादसा टल गया। अगर वाहन पलट जाता या और गहराई में चला जाता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। बच्चों के परिजनों को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे भी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे।
स्कूल प्रबंधन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर भी सवाल उठने लगे हैं। नशे में धुत चालक को बच्चों की वैन चलाने की जिम्मेदारी कैसे दी गई, यह गंभीर प्रश्न है। प्रशासन ने इस मामले में स्कूल प्रबंधन से जवाब-तलब किए जाने की संभावना जताई है। साथ ही परिवहन और शिक्षा विभाग को भी जांच में शामिल किया गया है। यह घटना एक बार फिर स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अक्सर देखा जाता है कि प्राइवेट स्कूल प्रबंधन वाहन चालकों की पृष्ठभूमि और उनकी स्थिति की नियमित जांच नहीं करते। इससे बच्चों की जान पर खतरा मंडराता रहता है। प्रशासन ने अभिभावकों को भी सतर्क रहने और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल पूछने की सलाह दी है।
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