छत्तीसगढ़

स्कूल की छत का प्लास्टर गिरा, शिक्षक घायल

Shantanu Roy
19 Sept 2026 12:48 PM IST
स्कूल की छत का प्लास्टर गिरा, शिक्षक घायल
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Surajpur. सूरजपुर। जिले के प्रतापपुर विकासखंड क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल भवन की जर्जर हालत ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। हरिहरपुर स्थित नेवारडांड प्राथमिक शाला में छज्जे का प्लास्टर अचानक टूटकर नीचे गिर गया। इसकी चपेट में आने से एक शिक्षक के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक, प्राथमिक शाला के भवन का एक हिस्सा लंबे समय से खराब स्थिति में बताया जा रहा है।

इसी बीच अचानक छज्जे का प्लास्टर टूटकर नीचे गिर गया। वहां मौजूद शिक्षक इसकी चपेट में आ गए और उन्हें चोटें आईं। राहत की बात यह रही कि घटना के समय प्लास्टर गिरने वाली जगह के आसपास स्कूली बच्चे मौजूद नहीं थे। इससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद स्कूल में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घायल शिक्षक को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराए जाने की जानकारी है। हालांकि शिक्षक को कितनी गंभीर चोट आई है, इसे लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
स्कूल में प्लास्टर गिरने की घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में स्कूल भवन की स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। घटना के बाद अभिभावकों में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्कूल में रोजाना बच्चे पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में भवन के किसी हिस्से से अचानक प्लास्टर गिरना गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है। घटना के वक्त यदि बच्चे उस स्थान पर मौजूद होते तो स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती थी।


जर्जर भवनों के रखरखाव पर सवाल
इस घटना ने सरकारी स्कूल भवनों के रखरखाव और समय पर मरम्मत को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के परिजनों का कहना है कि स्कूल भवनों का नियमित निरीक्षण किया जाना चाहिए और जहां भी छत, दीवार या छज्जे कमजोर हो चुके हैं, वहां तत्काल मरम्मत कराई जानी चाहिए। अभिभावकों ने मांग की है कि नेवारडांड प्राथमिक शाला भवन की तकनीकी जांच कराई जाए। भवन के जिन हिस्सों में प्लास्टर कमजोर हो चुका है या किसी प्रकार का खतरा है, उनकी पहचान कर मरम्मत का काम जल्द कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
स्कूल भवन में हुई इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है। अभिभावकों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। पुराने और कमजोर भवनों की समय-समय पर जांच नहीं होने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
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