छत्तीसगढ़
राज्योत्सव में स्कूली बच्चों और कलाकारों ने किया सामूहिक नृत्य
Shantanu Roy
4 Nov 2025 9:54 PM IST

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छग
Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की रजत जयंती पर्व पर आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव कार्यक्रम में सोमवार की शाम उत्सव, उल्लास और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में जिलेभर के स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों ने सामूहिक नृत्य कर पूरे परिसर को आनंद और देशभक्ति से सराबोर कर दिया। मंच और मैदान दोनों पर जब एक साथ सैकड़ों बच्चों ने नृत्य की प्रस्तुति दी, तो दर्शक दीर्घा तालियों की गूंज से भर उठी। कार्यक्रम का माहौल ऐसा था मानो पूरा जिला छत्तीसगढ़ के गौरवगान में झूम उठा हो। राज्य के गठन की 25वीं वर्षगांठ पर हर उम्र के लोग इस जश्न में शामिल हुए। बच्चों ने लोकनृत्य, आधुनिक नृत्य और छत्तीसगढ़ी पारंपरिक धुनों पर मनमोहक प्रदर्शन कर राज्य की सांस्कृतिक विविधता का शानदार परिचय दिया।
ओडिसी नृत्यांगना सुरभि दुबे की मनमोहक प्रस्तुति
कार्यक्रम की सबसे खास प्रस्तुति रही 8वीं कक्षा की छात्रा और ओडिसी नृत्यांगना सुरभि दुबे का नृत्य, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुरभि ने मंच पर ओडिसी नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति दी, जिसमें उनकी लय, भाव और मुद्राओं की सटीकता ने हर किसी को प्रभावित किया। सुरभि दुबे पहले भी राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग ले चुकी हैं और उन्हें ओडिसी नृत्य की शिक्षा अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नृत्यांगना आर्या नंदे से प्राप्त हुई है। कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने मंच पर पहुँचकर सुरभि को सम्मानित किया और उन्हें शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। उन्होंने सुरभि की सराहना करते हुए कहा, “सुरभि जैसी प्रतिभाएँ हमारे जिले और राज्य का नाम देशभर में रोशन कर रही हैं। हमें इन पर गर्व है।”
बच्चों और कलाकारों ने प्रस्तुत की छत्तीसगढ़ की झलक
राज्योत्सव कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों और स्थानीय कलाकारों ने “अरपा पैरी के धार”, “छत्तीसगढ़ हमर देस ह” और “सुआ नाच” जैसे लोकगीतों पर नृत्य कर राज्य की परंपरा, संस्कृति और एकता का संदेश दिया। सामूहिक नृत्य के दौरान पूरा परिसर उत्साह से झूम उठा। दर्शकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों को भरपूर सराहा और उन्हें खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट से सम्मान दिया।
राज्य की गौरवशाली उपलब्धियों का जश्न
रजत जयंती पर्व के इस आयोजन में राज्य के विकास और उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया। मंच सजावट से लेकर पारंपरिक परिधान तक हर चीज़ में छत्तीसगढ़ की झलक स्पष्ट दिख रही थी। स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक लोकनृत्य पंथी और राऊत नाचा की भी आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं, जो दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहीं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवित रखते हैं। उन्होंने जिला शिक्षा विभाग और संस्कृति विभाग को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, अभिभावक और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
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