छत्तीसगढ़

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रभारी DEO जोईधा राम डहरिया निलंबित

Shantanu Roy
3 Sept 2026 10:02 PM IST
सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रभारी DEO जोईधा राम डहरिया निलंबित
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Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के शिक्षा विभाग में एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) जोईधा राम डहरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके पूर्व पदस्थापना स्थल बसना, जिला महासमुंद में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के पद पर रहते हुए कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में की गई है। निलंबन अवधि में डहरिया का मुख्यालय संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय, रायपुर निर्धारित किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी निलंबन आदेश में डहरिया पर शासकीय प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं के विद्युत देयक की धनराशि में गड़बड़ी कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। विभाग ने उनके इस कृत्य को गंभीर वित्तीय अनियमितता माना है। आदेश के अनुसार, तत्कालीन BEO बसना के रूप में कार्यरत रहते हुए उनके द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में कथित तौर पर स्वेच्छाचारिता बरती गई।
बिजली बिल की राशि में गड़बड़ी का आरोप
विभागीय आदेश में कहा गया है कि डहरिया के कार्यकाल के दौरान शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्कूलों के विद्युत देयकों से संबंधित धनराशि का उचित तरीके से उपयोग नहीं किया गया। आरोप है कि इस प्रक्रिया में शासन को आर्थिक क्षति पहुंची। मामले को विभाग ने गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया। आदेश में डहरिया के कथित कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत कदाचार माना गया है। विभाग के मुताबिक एक शासकीय अधिकारी से अपने पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और नियमों के अनुरूप करने की अपेक्षा होती है। वित्तीय मामलों में कथित अनियमितता को विभाग ने गंभीर अनुशासनहीनता के रूप में लिया है।
तत्काल प्रभाव से किया गया निलंबित
विभागीय आदेश के आधार पर राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत जोईधा राम डहरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन के बाद उन्हें वर्तमान पद की जिम्मेदारियों से अलग कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा), रायपुर कार्यालय निर्धारित किया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
विभाग में कार्रवाई से हलचल
प्रभारी DEO के निलंबन की कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मची हुई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब स्कूलों की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं को लेकर विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। सरकारी स्कूलों से जुड़े विद्युत देयकों की राशि में कथित गड़बड़ी के मामले को गंभीरता से लिया गया है।
फिलहाल विभागीय आदेश में लगाए गए आरोपों के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों और विभागीय प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारी को निर्धारित मुख्यालय में उपस्थित रहने और शासन के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि सरकारी धन के उपयोग और वित्तीय मामलों में किसी भी तरह की कथित अनियमितता को लेकर विभाग सख्त रुख अपना रहा है। अब मामले में आगे होने वाली विभागीय कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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