छत्तीसगढ़

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले ने शिक्षा में लगाई बड़ी छलांग

Shantanu Roy
30 April 2026 10:53 PM IST
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले ने शिक्षा में लगाई बड़ी छलांग
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Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के वर्ष 2025-26 के परीक्षा परिणाम में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले ने हाई स्कूल (10वीं) परीक्षा में राज्य स्तर पर 11वां स्थान और हायर सेकेंडरी (12वीं) परीक्षा में 9वां स्थान प्राप्त कर अपनी मजबूत शैक्षणिक स्थिति दर्ज कराई है। इस उपलब्धि के बाद पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने परीक्षा परिणामों में सुधार पर संतोष व्यक्त करते हुए जिले के शिक्षा विभाग, प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह परिणाम सामूहिक प्रयास और बेहतर शैक्षणिक वातावरण का नतीजा है।
इस वर्ष जिले के कई विद्यार्थियों ने राज्य की टॉप सूची में स्थान बनाकर जिले का नाम रोशन किया है। हाई स्कूल परीक्षा में मोना मॉडर्न स्कूल बरमकेला के छात्र हेमंत पटेल ने 97.50 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और टॉप रैंक में स्थान हासिल किया। वहीं हायर सेकेंडरी परीक्षा में शासकीय बालक हायर सेकेंडरी विद्यालय सरिया के छात्र शिवम दुबे ने 96.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य स्तर पर 9वां स्थान हासिल किया। इन दोनों विद्यार्थियों की सफलता को जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम बताई जा रही है।
हेमंत पटेल बरमकेला ब्लॉक के आमापाली गांव के निवासी हैं और उनके माता-पिता कृषक हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया। स्कूल प्रबंधन ने भी उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इसी तरह शिवम दुबे शासकीय बालक हायर सेकेंडरी विद्यालय सरिया के छात्र हैं। उनके परिवार में उनकी मां, बड़े भाई और जुड़वां भाई हैं, जिन्होंने भी 12वीं में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका है, बावजूद इसके उन्होंने कठिन परिस्थितियों में यह सफलता हासिल की।
विद्यालय के प्राचार्य और शिक्षकों ने दोनों टॉपर्स को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही अन्य छात्रों को भी इनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी गई। कलेक्टर ने कहा कि यह उपलब्धि केवल अंकों की नहीं बल्कि जिले की शैक्षणिक प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में और बेहतर परिणाम के लिए शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने असफल विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जीवन में परीक्षा का एक मौका नहीं होता, हर साल अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि असफलता से निराश होकर कोई गलत कदम नहीं उठाना चाहिए, क्योंकि जीवन अनमोल है और माता-पिता के लिए बच्चे सबसे बड़ी पूंजी हैं। जिले के इस प्रदर्शन से शिक्षा विभाग में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और आने वाले समय में और बेहतर परिणाम की उम्मीद जताई जा रही है।
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