छत्तीसगढ़

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को मिली नई पहचान, 9 माह में विकास कार्यों ने पकड़ी रफ्तार

Shantanu Roy
28 Dec 2025 6:24 PM IST
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को मिली नई पहचान, 9 माह में विकास कार्यों ने पकड़ी रफ्तार
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Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के निर्माण को तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में शासन की मंशा के अनुरूप सुशासन के दो वर्षों में प्रस्तावित कार्यों को धरातल पर उतारने का जिम्मा बीते 9 माह से कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के नेतृत्व में प्रभावी ढंग से निभाया जा रहा है। प्रशासनिक सक्रियता, सतत निगरानी और ठोस रणनीति के चलते जिले में बुनियादी सुविधाओं, सड़कों, स्वास्थ्य, खेल और शहरी व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। यही कारण है कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला अब अपनी एक नई पहचान बनाने में सफल हो रहा है।

नेशनल हाईवे सड़कों की मरम्मत से आवागमन हुआ सुगम
सारंगढ़ से सराईपाली रोड, जो जिले की सीमा टिमरलगा से अंतिम गांव तक फैली है, उस नेशनल हाईवे का मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। हालांकि बीच-बीच में सड़क को सीधा करने का कार्य अभी शेष है, जिसे आगामी दिनों में पूरा किया जाएगा। इसी प्रकार दानसरा से टिमरलगा रोड में आई दरारों की मरम्मत भी जल्द कराई जाएगी। इन कार्यों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की निरंतर बैठकों और रणनीतिक प्रयासों के चलते सारंगढ़ से बलौदाबाजार नेशनल हाईवे सड़क मरम्मत का कार्य भी कराया गया। लंबे समय से जर्जर सड़क के कारण हो रही परेशानियों से अब लोगों को निजात मिल रही है।

नए बायपास से यातायात व्यवस्था में सुधार
सारंगढ़ से हरदी और दानसरा बायपास के नेशनल हाईवे पर नए सड़क निर्माण का अंतिम डामरीकरण कार्य पूरा हो चुका है। यह कार्य बीते दो माह के भीतर संपन्न कराया गया। इस दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत नाली निर्माण, वन विभाग द्वारा पेड़ कटाई, नगरपालिका सारंगढ़ द्वारा पाइप मरम्मत, विद्युत खंभों और ट्रांसफार्मरों का व्यवस्थापन जैसे कई समन्वित कार्य किए गए। दानसरा में अवैध कब्जों को हटाकर नाली निर्माण किया जा रहा है, जिसके कारण लगभग 400 मीटर सड़क कार्य अभी शेष है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार
जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में डॉक्टरों की व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। यहां सिविल सर्जन, शिशु रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही प्रत्येक बुधवार को मेडिकल बोर्ड बैठने की सुविधा, विभिन्न प्रकार की निशुल्क जांच और डायलिसिस जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी आम जनता को मिल रही हैं। इससे जिले के मरीजों को बाहर रेफर होने की मजबूरी कम हुई है।

खेलभांठा मैदान का कायाकल्प
जिला मुख्यालय सारंगढ़ का खेलभांठा मैदान बड़े आयोजनों और खिलाड़ियों के लिए एकमात्र प्रमुख स्थान है, जहां 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों के मुख्य समारोह आयोजित होते हैं। मैदान खुला होने के कारण खिलाड़ियों और आयोजकों को परेशानी होती थी। इसे ध्यान में रखते हुए कलेक्टर डॉ. कन्नौजे के निर्देश पर मैदान के दो ओर लोहे की जाली और गेट लगवाए गए हैं। साथ ही स्थायी स्टेज का निर्माण कार्य जारी है, जिससे बरसात के दिनों में पंडाल की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

लोहारिन डबरी और रेंजर पारा पुलिया में सुरक्षा व्यवस्था
सारंगढ़ के लोहारिन डबरी मेन रोड पर दीवार और विद्युत व्यवस्था का कार्य पिछले छह माह से चल रहा था, जो अब लगभग पूर्ण हो चुका है। इससे दुर्घटनाओं में कमी आई है और तालाब की सुंदरता भी बढ़ी है। वहीं रेंजर पारा पुलिया में नेशनल हाईवे द्वारा दोनों ओर धातु की बैरिकेटिंग लगाई गई है तथा नगरपालिका ने स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की है, जिससे रात्रिकालीन दुर्घटनाओं की आशंका कम हुई है।

शहरी सड़कों और यातायात व्यवस्था में सुधार
जिला मुख्यालय में भारत माता चौक से तहसील कार्यालय तक खराब सड़क को लेकर लंबे समय से शिकायतें थीं। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने नगरपालिका को अल्टीमेटम देकर इस सड़क का नया निर्माण कार्य पूरा कराया। इसके अतिरिक्त तुर्की तालाब के पास अव्यवस्थित गुमठी और ठेलों को हटाकर एसबीआई बैंक के सामने खाली प्लॉट में सुव्यवस्थित रूप से स्थानांतरित किया गया, जो पिछले छह माह से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। बस स्टैंड क्षेत्र में टैक्सी स्टैंड और फल दुकानों के कारण हो रही भीड़ और अव्यवस्था को दूर करने के लिए इन्हें पुराना नगरपालिका भवन के प्लॉट में अस्थायी रूप से स्थान दिया गया। इससे मुख्य सड़क पर यातायात बाधा समाप्त हुई है।

यात्रियों को मिली प्रतीक्षालय की सुविधा
सारंगढ़ बस स्टैंड के पास यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय की कमी को देखते हुए बीते छह माह में दो यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया गया है। इससे रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ की ओर जाने वाले यात्रियों को बैठने के लिए सुव्यवस्थित स्थान उपलब्ध हुआ है। कुल मिलाकर, कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के नेतृत्व में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में हुए इन विकास कार्यों ने प्रशासनिक सक्रियता का उदाहरण प्रस्तुत किया है और जिले को विकास की नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है।
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