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गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के एक हितग्राही के खिलाफ माइनिंग विभाग की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आवास निर्माण के लिए मंगाई गई रेत से भरे ट्रैक्टर को जब्त किए जाने के विरोध में हितग्राही सनत नागेश एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गया। उसके समर्थन में अन्य आवास हितग्राही और पार्षद भी धरनास्थल पर पहुंचे। दिनभर चले विरोध प्रदर्शन के बावजूद विभाग ने वाहन छोड़ने की मांग स्वीकार नहीं की। इसके बजाय हितग्राही और ट्रैक्टर मालिक को 25,600 रुपये का अर्थदंड जमा करने का नोटिस जारी कर दिया गया।
6 अक्टूबर को पकड़ा गया था रेत से भरा ट्रैक्टर
जानकारी के अनुसार, 6 अक्टूबर को क्षेत्र में आयोजित सेवा सेतु शिविर में पहुंची जिला माइनिंग अधिकारी ने रेत से भरे एक ट्रैक्टर पर कार्रवाई की थी। यह रेत पीएम आवास हितग्राही सनत नागेश ने अपने मकान के निर्माण के लिए मंगाई थी। ट्रैक्टर उसके रिश्तेदार का बताया गया है। कार्रवाई के बाद सनत नागेश लगातार वाहन और रेत छोड़ने की मांग कर रहा था। मांग पूरी नहीं होने पर वह देवभोग एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गया। इस दौरान अन्य हितग्राहियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी उसका समर्थन किया।
धरने के बीच थमाया 25,600 रुपये का नोटिस
हितग्राही के मुताबिक, विभाग ने शाम करीब चार बजे उसके और ट्रैक्टर मालिक के नाम 25,600 रुपये जुर्माने का नोटिस जारी किया। विभाग ने नोटिस में 15 अक्टूबर तक रेत परिवहन पर प्रतिबंध होने का हवाला दिया है। सनत नागेश ने आरोप लगाया कि वाहन 6 अक्टूबर को पकड़ा गया था, लेकिन सात दिन बाद जुर्माने की कार्रवाई की गई। उन्होंने इसे दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि जमा करना उनके लिए संभव नहीं है। रिश्तेदार का वाहन भी उनकी जिम्मेदारी पर रेत लाने के लिए इस्तेमाल किया गया था।
रेत नहीं मिलेगी तो कैसे पूरा होगा पीएम आवास?
स्थानीय हितग्राहियों का कहना है कि आवास निर्माण में तेजी लाने का दबाव है, लेकिन रेत की उपलब्धता बड़ी समस्या बनी हुई है। 15 अक्टूबर तक वैध रेत खदानों में प्रतिबंध के कारण निर्माण सामग्री जुटाने में परेशानी हो रही है। पार्षद ने आरोप लगाया कि अवैध रेत परिवहन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय सीमित संसाधनों में मकान बनाने वाले हितग्राहियों को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
माइनिंग अधिकारी ने नहीं उठाया फोन
मामले में जिला माइनिंग अधिकारी अर्चना ठाकुर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। वहीं कलेक्टर रणवीर शर्मा ने कहा कि मामला माइनिंग विभाग से संबंधित है और विभागीय अधिकारी ही इसकी जानकारी दे पाएंगी। जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप ने भी माइनिंग विभाग के रवैये पर नाराजगी जताते हुए अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। फिलहाल हितग्राही की मांग पूरी नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने मांग नहीं माने जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
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