छत्तीसगढ़
साय सरकार का बड़ा फैसला सरेंडर नक्सलियों को ही मिलेगा घोषित इनाम
Shantanu Roy
12 Dec 2025 7:15 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में साय सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने मंत्रिमंडल के साथ राज्य सरकार के कामकाज का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस दौरान उन्होंने नक्सल समस्या, पुनर्वास नीति, CGPSC घोटाले, विकास कार्यों और पारदर्शिता को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सबसे बड़ा एलान नक्सल सरेंडर पॉलिसी से जुड़ा रहा। सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार ने नक्सलियों के आत्मसमर्पण को बढ़ावा देने के लिए पुनर्वास नीति में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को जमीन देने के साथ-साथ उनके ऊपर घोषित पूरा इनाम भी सीधे उन्हीं को दिया जाएगा।
अब तक यह इनाम पुलिस विभाग को मिलता था, लेकिन साय सरकार ने नई नीति लागू कर इसे पूरी तरह बदल दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों की मुख्यधारा में वापसी तभी सफल मानी जाएगी, जब उन्हें आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के स्तर पर मजबूती मिले। ऐसा करने से नक्सलवाद की विचारधारा से मोहभंग हुए लोगों को वापस समाज में सम्मानजनक जीवन शुरू करने में मदद मिलेगी। सीएम ने कहा कि इस निर्णय से बस्तर सहित नक्सल प्रभावित जिलों में माहौल और सकारात्मक होगा तथा अधिक नक्सली हथियार छोड़कर पुनर्वास कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का उद्देश्य बस्तर को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाना है। इसके लिए विकास, विश्वास और सुरक्षा तीनों दिशाओं पर साथ-साथ काम किया जा रहा है।”
गोंडी और हल्बी में किताब का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में हो रहे विकास कार्यों पर आधारित एक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया। यह पुस्तक सिर्फ हिंदी में ही नहीं, बल्कि स्थानीय गोंडी और हल्बी भाषाओं में भी प्रकाशित की गई है, ताकि बस्तर और आदिवासी अंचलों के लोग अपनी भाषा में विकास गाथा को समझ सकें।
CGPSC में गड़बड़ियों की CBI जांच जारी
सीएम साय ने अपनी सरकार के पारदर्शी प्रशासन पर जोर देते हुए बताया कि CGPSC घोटाले की जांच CBI कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं PSC घोटाले की जांच सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया था, और अब CBI इस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि पिछले दो वर्षों में PSC परीक्षाएँ हुई हैं और परिणामों में पारदर्शिता बनाए रखी गई है। “मुझे बहुत खुशी होती है जब गांव के किसान अपने सफल बेटा-बेटी के साथ मिलने आते हैं और कहते हैं कि PSC पर उनका भरोसा बढ़ा है,” मुख्यमंत्री ने कहा। उन्होंने यह भी बताया कि सुशासन का प्रभाव सीधे युवाओं के प्रदर्शन में दिखाई देने लगा है और PSC परीक्षा में बड़ी संख्या में ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवा सफल हो रहे हैं।
दो साल में साय सरकार की प्राथमिकता—शांति, विकास और भरोसा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि दो वर्षों में उनकी सरकार ने पारदर्शिता, सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता दी है। नक्सल उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे अभियानों के साथ-साथ पुनर्वास को मजबूत बनाना सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है। सरकार की नई नीतियों का उद्देश्य है कि हथियार छोड़कर लौटने वाले लोगों को सम्मान मिले और बस्तर में भय और हिंसा के स्थान पर शांति और विकास की नई पहचान स्थापित हो। साय सरकार की दो साल की रिपोर्ट ने संकेत दिया है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करने और प्रशासन को पारदर्शी बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं।
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