छत्तीसगढ़

30 सितंबर को होगी साय कैबिनेट की बैठक

Shantanu Roy
25 Sept 2026 1:44 PM IST
30 सितंबर को होगी साय कैबिनेट की बैठक
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छग
Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 30 सितंबर को मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक पूर्वाह्न 11:30 बजे मंत्रालय महानदी भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी। बैठक में राज्य सरकार से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। कैबिनेट की बैठक पूरी होने के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव प्रेसवार्ता कर मंत्रिपरिषद में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी देंगे। छत्तीसगढ़ शासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अरुण साव को उपमुख्यमंत्री के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
इससे पहले 9 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई थी। इसमें रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप, निर्यात, सरकारी कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा और दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। ऐसे में 30 सितंबर को होने वाली बैठक पर भी नजर रहेगी।
पिछली कैबिनेट बैठक में प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया गया था। मंत्रिपरिषद ने ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी थी। मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इसके तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित करने की योजना है। इसके अलावा 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और पांच इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं के कौशल विकास और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
इस मिशन का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यमिता और रोजगार सृजन से जोड़ना है। राज्य की मौजूदा औद्योगिक नीति 2024-30 में भी स्टार्टअप के लिए अलग प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान है।
9 सितंबर की बैठक में राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्रों में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को भी मंजूरी दी गई थी। इसके माध्यम से प्रदेश में निर्यात के लिए बेहतर इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर जोर दिया गया है।
नई नीति में निर्यातकों को बाजार तक बेहतर पहुंच और व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने की बात कही गई है। ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के जरिए प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर भी जोर है। राज्य का एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेंटर भी निर्यातकों के प्रशिक्षण और बाजार संबंधी मार्गदर्शन के लिए काम कर रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2024-25 में छत्तीसगढ़ का निर्यात मूल्य 18,527 करोड़ रुपए दर्ज किया गया था।
पिछली बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट यानी NSTI की स्थापना से जुड़ा प्रस्ताव भी मंजूर किया गया था। इसके लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने की स्वीकृति दी गई।
लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं विकसित करने की योजना है। यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष करीब एक हजार और अल्पकालीन कार्यक्रमों में तीन हजार प्रशिक्षुओं को आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण देने की योजना बताई गई है। इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
कैबिनेट ने शासकीय और संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया था। राज्य शासन के अधीन स्थायी और अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडलों एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने में राहत देते हुए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा को 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।
इस निर्णय का उद्देश्य पहले से शासकीय या संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरी सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाने की बात भी कही गई थी।
इसके अलावा दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी पिछली कैबिनेट ने मुहर लगाई थी। इसके तहत ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप चार हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके बदले भिलाई इस्पात संयंत्र को ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि देने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
अब 30 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में किन नए प्रस्तावों पर मुहर लगती है, यह बैठक के बाद स्पष्ट होगा। सरकार की ओर से लिए गए फैसलों की आधिकारिक जानकारी बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव की प्रेसवार्ता में दी जाएगी।
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