छत्तीसगढ़

सुरक्षित विद्यार्थी–सुरक्षित भविष्य, रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने छात्रों को किया जागरूक

Shantanu Roy
31 July 2026 10:12 PM IST
सुरक्षित विद्यार्थी–सुरक्षित भविष्य, रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने छात्रों को किया जागरूक
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क सुरक्षा और अनुशासन के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस कमिश्नरेट द्वारा विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में डीसीपी यातायात डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में एसीपी यातायात सीमा अहिरवार ने शनिवार को आमलीडीह स्थित चैतन्य टेक्नो स्कूल में आयोजित इन्वेस्टिचर सेरेमनी में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लगभग 150 छात्र-छात्राओं को अनुशासन, नेतृत्व और सड़क सुरक्षा का महत्व समझाते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के नव-निर्वाचित छात्र पदाधिकारियों के सम्मान के साथ हुई। इस अवसर पर हेड बॉय, हेड गर्ल और विभिन्न छात्र परिषद पदों पर चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए एसीपी सीमा अहिरवार ने कहा कि नेतृत्व केवल अधिकार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारी, सेवा, अनुशासन और टीम भावना का प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि एक अच्छा छात्र नेता अपने व्यवहार और कार्यशैली से दूसरों के लिए प्रेरणा बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे विद्यालय में सीखी गई अनुशासन की भावना को अपने दैनिक जीवन में भी अपनाएं। चाहे विद्यालय हो, घर हो या सार्वजनिक स्थान, हर जगह जिम्मेदार व्यवहार समाज को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि अनुशासित विद्यार्थी ही भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनते हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा पर विशेष रूप से जोर देते हुए एसीपी ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले किसी भी छात्र को दोपहिया या चारपहिया वाहन नहीं चलाना चाहिए, क्योंकि यह कानून के विरुद्ध है और दुर्घटनाओं का बड़ा कारण भी बनता है। उन्होंने कहा कि कम उम्र में वाहन चलाने से न केवल स्वयं की जान जोखिम में पड़ती है, बल्कि दूसरों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है। उन्होंने आगे बताया कि वैधानिक आयु पूरी होने के बाद भी वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य रूप से करना चाहिए। साथ ही निर्धारित गति सीमा का पालन करना, मोबाइल फोन का उपयोग न करना, ट्रैफिक सिग्नलों का सम्मान करना और सड़क पर जिम्मेदारी से वाहन चलाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
एसीपी सीमा अहिरवार ने विद्यार्थियों से यह भी आग्रह किया कि वे विद्यालय में प्राप्त सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी को केवल अपने तक सीमित न रखें, बल्कि अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे स्वयं जागरूक होंगे और दूसरों को भी जागरूक करेंगे तो सड़क दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी लाई जा सकती है। विद्यार्थियों को "सड़क सुरक्षा जागरूकता दूत" बनने का आह्वान करते हुए उन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल पुलिस या कानून के डर से नहीं, बल्कि अपने और दूसरों के जीवन की सुरक्षा के लिए किया जाना चाहिए। सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए हर नागरिक को नियमों का पालन अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझकर करना चाहिए।
विद्यालय प्रबंधन ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में एसीपी सीमा अहिरवार ने प्रेरक संदेश देते हुए कहा, "अनुशासित विद्यार्थी ही सशक्त समाज की नींव होते हैं और सुरक्षित विद्यार्थी ही सुरक्षित भविष्य का निर्माण करते हैं।" इस संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने एक बार फिर नागरिकों और विशेषकर विद्यार्थियों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित, जिम्मेदार और अनुशासित समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
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