छत्तीसगढ़

सुरक्षित बचपन अभियान: विद्यार्थियों को बाल अधिकारों व सुरक्षा कानूनों की दी गई जानकारी

Shantanu Roy
29 Oct 2026 10:31 PM IST
सुरक्षित बचपन अभियान: विद्यार्थियों को बाल अधिकारों व सुरक्षा कानूनों की दी गई जानकारी
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Ambikapur. अंबिकापुर। बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों के संरक्षण एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सुरक्षित बचपन जागरूकता अभियान के अंतर्गत दशमेश पब्लिक स्कूल, अंबिकापुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी जे.आर. प्रधान के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम 2012, अच्छे और बुरे स्पर्श की पहचान तथा विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के सुरक्षित बचपन अभियान के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि बच्चों को किसी भी प्रकार के यौन शोषण, उत्पीड़न एवं अनुचित व्यवहार से सुरक्षित रखना परिवार, विद्यालय और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बीच अंतर समझाते हुए किसी भी असहज या असुरक्षित परिस्थिति में बिना डर के अभिभावकों, शिक्षकों अथवा विश्वसनीय व्यक्तियों को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), 2012 के प्रमुख प्रावधानों से अवगत कराया गया। बताया गया कि यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन हमले एवं अश्लील उद्देश्यों के लिए उनके उपयोग जैसे अपराधों से संरक्षण प्रदान करता है। साथ ही ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों की व्यवस्था की गई है। बच्चों को अनुचित व्यवहार की पहचान करने और आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी भी दी गई।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी गई। इसके साथ ही सखी वन स्टॉप सेंटर एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के संबंध में बताया गया। विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण या परेशानी की स्थिति में संबंधित हेल्पलाइन से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा एवं समान अवसरों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि सुरक्षित वातावरण और अधिकारों के प्रति जागरूकता बच्चों के आत्मविश्वास एवं सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से गिरवर सिंह राजपूत, कल्पना भगत एवं नीरज फेलिक्स कुजूर, मिशन शक्ति हब की जिला समन्वयक नूतन सिंह, वित्तीय साक्षरता समन्वय विशेषज्ञ नेहा सिंह राजपूत सहित विद्यालय की प्राचार्य, सहप्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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