RSS नेता इन्द्रेश कुमार ने रायपुर में मुस्लिम समुदाय को किया संबोधित, लोग अपनी धार्मिक परंपराएं छोड़ दे UCC का अर्थ नहीं

यू.सी.सी.(समान नागरिक संहिता) पर रायपुर में मुस्लिमो के लिए एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन
रायपुर। राजधानी रायपुर में मुस्लिम समुदाय के लिए यूसीसी (समान नागरिक संहिता) विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय अधिकारी इन्द्रेश कुमार की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में राजधानी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के मस्जिदों के मुतवल्ली हज़रात तथा समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इंद्रेश कुमार ने बहुत ही सरल और सहज शब्दों में यू.सी.सी. के संबंध में उद्बोधन दिया उन्होंने कहा कि यू.सी.सी. लागू होने से किसी भी समाज को विशेष रूप से मुस्लिम समाज को किसी भी प्रकार के धार्मिक और मौलिक अधिकारों पर कोई रोक नहीं होगी न ही किसी भी समाज को अपने धर्म के अनुरूप इबादत करने में कोई रोक होगी। यूसीसी के सम्बन्ध में कुछ राजनैतिक पार्टियां अपना स्वार्थ पूरा करने के लिए समाज को भ्रमित कर रही है ऐसी पार्टी ऐसे लोगों से समाज को बचना चाहिए और यूसीसी का अध्ययन करना चाहिए जिससे समाज में आप जागरूकता ला सकते हैं और देश को आगे बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कुरान में सबसे पहला शब्द इकरा (पढ़ाई) है, इससे प्रेरणा लेकर "हम आधी रोटी खाएंगे बच्चों को पढ़ाएं" पैगम्बर साहब ने कहा कि जिस देश में रहो उससे मोहब्बत करो उसके कानूनों का सम्मान करो, हमे कुरान और पैगंबर साहब के बताए हुए इस्लाम पर अमल करते हुए एक अच्छा मुसलमान बन कर समाज के सुधार लाने को आवश्यकता है। यूसीसी एक रिफॉर्म व्यवस्था है जो सभी धर्मों में आई कुछ विसंगतियों को दूर करने में कारगर होगी। प्रश्नोत्तरी में इंद्रेश जी ने बताया कि यूसीसी के नाम से जो भ्रम था उस भ्रम को दूर करते हुए उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का यह अर्थ नहीं कि लोग अपनी धार्मिक परंपराएं छोड़ दे। पूजा पद्धति, रोजा, नमाज, हज, विवाह की धार्मिक रस्में या अन्य धार्मिक मान्यताएं समान नागरिक संहिता से प्रभावित नहीं होगी। मुस्लिम समाज ने यू.सी.सी. का स्वागत किया तीन तलाक और अन्य विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की।





