छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सुशासन तिहार की समीक्षा बैठक

Shantanu Roy
27 May 2025 9:00 PM IST
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सुशासन तिहार की समीक्षा बैठक
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Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी पहल 'सुशासन तिहार' के तहत आज रायगढ़ में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक रायगढ़ के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सृजन सभा कक्ष में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का उद्देश्य रायगढ़ एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों में चल रही विकास योजनाओं, जनहितकारी परियोजनाओं तथा ‘सुशासन तिहार’ के तहत प्राप्त जन आवेदनों के निराकरण की प्रगति का मूल्यांकन करना था।


जन सरोकार की योजनाओं पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में स्पष्ट कहा कि सुशासन तिहार केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आम जनता की अपेक्षाओं और जरूरतों को सुनकर, उन्हें त्वरित रूप से पूरा करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फील्ड पर जाकर कार्यों की निगरानी करें और आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सुशासन का असली मतलब तभी साकार होता है, जब आम नागरिकों को उनकी समस्याओं के लिए भटकना न पड़े और उन्हें जवाबदेह व पारदर्शी शासन का अनुभव हो।

जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और सुझाव
बैठक में राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह, रायगढ़ महापौर जीवर्धन चौहान सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही योजनाओं, जनकल्याणकारी प्रयासों और स्थानीय जरूरतों को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि हर जिले का संतुलित और समावेशी विकास हो। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से हो, ताकि अंतिम व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचे।

विकास कार्यों और आवेदनों की समीक्षा
बैठक में 'मुख्यमंत्री जनचौपाल', 'जन समाधान शिविर' और 'सुशासन तिहार' के तहत अब तक प्राप्त आवेदनों की संख्या, उनका निराकरण प्रतिशत और शेष लंबित आवेदनों की स्थिति पर प्रेजेंटेशन दिया गया। रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों में अधिकांश आवेदनों का निराकरण तय समय सीमा में किया गया है, जिससे आम जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित आवेदनों को प्राथमिकता पर लेते हुए तत्काल निराकरण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निराकरण की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और नागरिकों को उसकी जानकारी भी समय पर दी जानी चाहिए।

इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक योजनाओं की समीक्षा
बैठक में सड़क निर्माण, जल आपूर्ति, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, युवाओं के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने ज़ोर दिया कि जिन योजनाओं में बजट की स्वीकृति मिल चुकी है, उनमें कार्य शीघ्र प्रारंभ कर समयसीमा में पूर्ण किया जाए। नारी शक्ति योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक, प्रधानमंत्री आवास योजना और रोजगार मिशन जैसी योजनाओं की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। इन योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर मॉनिटरिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कुछ स्थानीय समस्याओं की ओर भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में अधूरे पड़े सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति में कमी, स्कूल भवनों की मरम्मत और किसानों के लंबित भुगतान जैसे मुद्दे शामिल थे। मुख्यमंत्री ने इन समस्याओं का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया।
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