छत्तीसगढ़
शासकीय कार्यों में लापरवाही पर राजस्व निरीक्षक विमल कुमार भगत निलंबित
Shantanu Roy
4 Aug 2025 11:09 PM IST

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Korba. कोरबा। राजस्व विभाग के एक गंभीर मामले में कलेक्टर कोरबा अजीत वसंत ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए राजस्व निरीक्षक विमल कुमार भगत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर अपने पदीय क्षेत्र के शासकीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता तथा कदाचार का आरोप है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय राजस्व निरीक्षक मंडल जटगा, तहसील पसान नियत किया गया है। इस दौरान वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे। कलेक्टर कार्यालय से आदेश क्रमांक 2008/भू.अभि./स्थापना/2025 दिनांक 4 अगस्त 2025 को जारी किया गया है, जिसमें विस्तारपूर्वक विमल कुमार भगत के विरुद्ध की गई जांच और उनके व्यवहार के बारे में बताया गया है। उल्लेखनीय है कि विमल कुमार भगत वर्तमान में राजस्व निरीक्षक मंडल-चैतमा, तहसील-पाली, जिला-कोरबा में पदस्थ थे।
अनुशासनात्मक कार्यवाही की पृष्ठभूमि
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमल कुमार भगत पूर्व में मगरलोड, जिला धमतरी में राजस्व निरीक्षक पद पर पदस्थ थे, जहां उनके विरुद्ध कुटरचना कर कदाचार करने और आर्थिक लाभ अर्जित करने की प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस विषय में कलेक्टर धमतरी के पत्र क्रमांक 5618/वित्त-1/2025, दिनांक 18 जून 2025 के माध्यम से विस्तृत प्रतिवेदन कलेक्टर कोरबा को प्रेषित किया गया था। इसके अतिरिक्त, तहसीलदार पाली द्वारा भेजे गए पत्र (क्रमांक 459/तहसील/कानूनगो/2025 दिनांक 16 अप्रैल 2025) में यह उल्लेख किया गया कि विमल कुमार भगत 24 मार्च 2025 से लगातार अनुपस्थित हैं और बिना किसी सूचना के शासकीय कार्यों में अनाधिकृत रूप से गैरहाजिर रहे। इस मामले में उन्हें कारण बताओ सूचना पत्र (दिनांक 3 अप्रैल 2025) जारी किया गया था, लेकिन वे निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं कर सके। बाद में कार्यालयीन पत्र क्रमांक 553/भू-अभि./स्था./2025 कोरबा दिनांक 25 अप्रैल 2025 के माध्यम से फिर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उनका जवाब 26 जून 2025 को प्राप्त हुआ, लेकिन वह असंतोषजनक पाया गया।
गंभीर आरोप: कुटरचना और लाभ का उद्देश्य
जांच में यह भी सामने आया है कि विमल कुमार भगत ने कुटरचना और कदाचार करते हुए गैर-कानूनी तरीके से आर्थिक लाभ लेने का प्रयास किया, जो सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 का स्पष्ट उल्लंघन है। कलेक्टर कोरबा द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि उनका यह कृत्य नियम 3 (1), 3 (क), (ख), (ग) के अंतर्गत आता है। इन सभी तथ्यों और प्रतिवेदनों के आधार पर कलेक्टर कोरबा ने यह माना कि विमल कुमार भगत के आचरण ने शासकीय सेवा की मर्यादा और जवाबदेही को ठेस पहुंचाई है। नियम-9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में एक स्पष्ट संदेश गया है कि लापरवाही और कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह घटना शासन के उस रुख को रेखांकित करती है, जिसमें उत्तरदायित्व और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
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