
रायपुर. डीएमएफ घोटाले में जेल में बंद रिटायर आईएएस अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच ने सोमवार को उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली. कोर्ट ने लंबी कस्टडी अवधि और ट्रायल में हो रही देरी को राहत का आधार माना है.
इस मामले में 80 से अधिक गवाहों के बयान अभी बाकी हैं. कोर्ट ने टुटेजा को सख्त शर्तों के साथ जमानत दी है. टुटेजा करीब 2 साल 28 दिनों तक जेल में रहने के बाद मंगलवार देर शाम रिहा हो सकते हैं. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि टुटेजा प्रभावशाली व्यक्ति हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं.
आरोपी को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाई
आदेश के अनुसार, अनिल टुटेजा जमानत पर रिहा होने के बाद राज्य से बाहर रहेंगे और किसी भी सेवारत सरकारी अधिकारी से संपर्क नहीं करेंगे। इसके अलावा, वह गवाहों को प्रभावित करने की कोई कोशिश नहीं करेंगे.
ईडी के अनुसार, यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी. ईडी का अनुमान है कि इस अवैध धंधे से करीब तीन हजार करोड़ रुपए की गैरकानूनी कमाई हुई, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा. ईडी के अनुसार, इस घोटाले की जांच में एक संगठित सिंडिकेट का पता चला, जिसमें नौकरशाह, राजनीतिक नेता और निजी कारोबारी शामिल थे. सिंडिकेट ने शराब की नीति को कमजोर करके अवैध तरीकों से पैसा कमाया.





