छत्तीसगढ़
रिटायर्ड BSP कर्मचारी से 45 लाख की ऑनलाइन ठगी, आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
15 Aug 2026 9:57 PM IST

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छग
Durg. दुर्ग। भिलाई में ऑनलाइन निवेश के नाम पर रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी से 45 लाख 18 हजार 998 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने पीड़ित को अपने जाल में फंसाने के लिए सोशल मीडिया पर फर्जी निवेश विज्ञापन का इस्तेमाल किया। विज्ञापन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और समाजसेवी सुधा मूर्ति जैसे चर्चित नामों का इस्तेमाल कर निवेश को भरोसेमंद बताने की कोशिश की गई। मामले में पुलिस ने मध्यप्रदेश के बैतूल से एक आरोपी विशाल नागले को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब ठगी के मास्टरमाइंड और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र के हुडको इलाके का है। यहां रहने वाले 61 वर्षीय जयंत बागची भिलाई इस्पात संयंत्र से सेवानिवृत्त हैं। इससे पहले वह भारतीय सेना में भी सेवा दे चुके हैं। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, 10 मार्च 2026 को जयंत अपने मोबाइल पर फेसबुक चला रहे थे। इसी दौरान उन्हें ऑनलाइन निवेश से संबंधित एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में बड़े सार्वजनिक नामों का इस्तेमाल किया गया था। इसे देखकर जयंत ने विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक किया और अपना रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद उनकी बातचीत कृतिका नाम की महिला से हुई। उसने खुद को निवेश प्रक्रिया से जुड़ा बताते हुए पीड़ित को भरोसे में लिया और वरिष्ठ नागरिक होने के आधार पर 18,998 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने को कहा। जयंत ने ऑनलाइन भुगतान कर दिया।
इसके बाद सिद्धार्थ विपुल नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को अकाउंट मैनेजर बताया। उसने ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कराने की बात कही। आरोपियों ने भरोसा बढ़ाने के लिए यह भी दावा किया कि उनका कारोबार यूके, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया समेत चार देशों में संचालित होता है। धीरे-धीरे आरोपियों ने अलग-अलग वजहों से पीड़ित से रकम जमा करानी शुरू कर दी। कभी ट्रेडिंग, कभी मार्जिन बढ़ाने और कभी सोने तथा तेल में निवेश के नाम पर उनसे पैसे लिए गए। 17 मार्च को जयंत से एक लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद 24 और 25 मार्च को पांच-पांच लाख रुपये जमा करवाए गए।
ठगी का सिलसिला यहीं नहीं रुका। 26 मार्च को पीड़ित की बातचीत करण तनेजा नाम के व्यक्ति से कराई गई। उसने ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध का हवाला देते हुए सोने की कीमतों में संभावित तेजी की बात कही और सोने में निवेश को फायदे का सौदा बताया। आरोपियों की बातों पर भरोसा करते हुए जयंत ने 27 मार्च को 25 लाख रुपये और निवेश कर दिए। इसके बाद 9 अप्रैल को ऑयल में निवेश के नाम पर पांच लाख रुपये और 16 अप्रैल को चार लाख रुपये जमा कराए गए। इस तरह अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराते हुए आरोपियों ने कुल 45 लाख 18 हजार 998 रुपये हासिल कर लिए।
जब जयंत ने निवेश की रकम वापस मांगनी शुरू की तो ठगों ने उन्हें फर्जी मुनाफा दिखाया। आरोपियों ने उनके ट्रेडिंग अकाउंट में करीब 2,71,275 अमेरिकी डॉलर का लाभ और मूल रकम मिलाकर बड़ी राशि दिखाई। पीड़ित ने करीब 2,70,000 अमेरिकी डॉलर निकालने के लिए बैंक खाते की जानकारी दी। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि यह क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजेक्शन है और रकम खाते में आने में दो से तीन दिन लगेंगे। जब तय समय के बाद भी पैसा नहीं मिला तो आरोपियों ने नया बहाना बनाया। 20 अप्रैल को उन्होंने दावा किया कि रकम निकालने के लिए 15 प्रतिशत टैक्स जमा करना होगा। इसके लिए पीड़ित से 34 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त रकम मांगी गई।
जयंत ने आरोपियों से कहा कि टैक्स की रकम उनके मुनाफे और जमा राशि में से काटकर बाकी रकम दे दी जाए, लेकिन आरोपियों ने इससे इनकार कर दिया। उन्होंने 22 अप्रैल को टैक्स जमा होने के बाद भुगतान करने का दावा किया। इसके बाद पीड़ित को अरुणाचल प्रदेश के एक बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से टैक्स की रकम जमा करने को कहा गया। इसी दौरान जयंत को पूरे मामले पर संदेह हुआ और उन्होंने समझ लिया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने भिलाई नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बैंक खातों, लेनदेन तथा आरोपियों के संपर्कों की जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान पुलिस ने मध्यप्रदेश के बैतूल से आरोपी विशाल नागले को गिरफ्तार किया। पुलिस उससे पूछताछ कर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि ठगी की रकम किन बैंक खातों में पहुंची और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। पुलिस अब मुख्य मास्टरमाइंड समेत अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। इस मामले से एक बार फिर सामने आया है कि साइबर ठग सोशल मीडिया पर चर्चित लोगों और फर्जी निवेश योजनाओं का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से ऑनलाइन निवेश के किसी भी प्रस्ताव पर बिना सत्यापन पैसा जमा नहीं करने की अपील की है।
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