छत्तीसगढ़

डिजिटल इंडिया से जुड़ रहे छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल: CM साय

Shantanu Roy
4 Jun 2025 8:36 PM IST
डिजिटल इंडिया से जुड़ रहे छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल: CM साय
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Raipur. रायपुर। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत डिजिटल युग की ओर तीव्र गति से अग्रसर हो रहा है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ को डिजिटल कनेक्टिविटी से जोड़ने के राष्ट्रीय मिशन को नई ऊर्जा मिली है। राज्य के भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के 83 गांवों को अब हाई-स्पीड 4G इंटरनेट सेवाओं से जोड़ दिया गया है, जो राज्य के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले नागरिकों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह कदम केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के अंतर्गत ग्रामीण भारत को तकनीकी रूप से सशक्त और
आत्मनिर्भर
बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। इन गांवों में अब तक मोबाइल नेटवर्क की सीमित पहुंच थी, जिसके कारण वहां के विद्यार्थी, किसान, व्यापारी और आम नागरिक डिजिटल सेवाओं से वंचित थे।
शिक्षा, बैंकिंग और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
4G इंटरनेट सेवाओं के विस्तार से गांवों के छात्र-छात्राएं अब ऑनलाइन क्लास, शैक्षणिक सामग्री, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल पुस्तकालय जैसी सुविधाओं से आसानी से जुड़ सकेंगे। किसानों को कृषि तकनीक, मंडी भाव, मौसम की जानकारी और सरकारी योजनाओं की जानकारी मोबाइल पर ही प्राप्त होगी। वहीं, स्थानीय व्यापारी और दुकानदार डिजिटल पेमेंट, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन ऑर्डर की सुविधाओं से अपने व्यापार को बढ़ा सकेंगे। ग्रामीण महिलाएं भी डिजिटल साक्षरता के माध्यम से स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर प्राप्त कर सकेंगी।


डिजिटल सेवाओं से सशक्त होंगे ग्रामीण
इन 83 गांवों में 4G इंटरनेट सेवाओं के शुरू होने से ग्रामीण नागरिक अब आधुनिक बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सरकारी योजनाओं का रजिस्ट्रेशन, स्वास्थ्य सेवाओं की ऑनलाइन जानकारी, और ई-गवर्नेंस पोर्टल्स तक सीधी पहुंच बना पाएंगे। यह उन्हें समय और धन की बचत के साथ-साथ सिस्टम में पारदर्शिता और दक्षता की सुविधा भी देगा।
केंद्रीय नेतृत्व को आभार
डिजिटल कनेक्टिविटी के इस अद्वितीय विस्तार के लिए राज्यभर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया जा रहा है। भरतपुर-सोनहत जैसे सीमावर्ती और आदिवासी बहुल क्षेत्र में 4G नेटवर्क का प्रवेश, आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन का वाहक बनकर उभरेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इस पहल को "डिजिटल समावेशन की दिशा में क्रांतिकारी कदम" बताया है। उनका कहना है कि इससे गांवों में भी अब "शहर जैसी सुविधाएं" मिलेंगी और युवा पीढ़ी को अपने सपनों को साकार करने के लिए नई तकनीकी शक्ति प्राप्त होगी।
स्थानीय प्रशासन कर रहा है सहयोग
इस कनेक्टिविटी योजना को लागू करने के लिए स्थानीय प्रशासन, दूरसंचार विभाग और नेटवर्क ऑपरेटर कंपनियों ने समन्वय के साथ कार्य किया है। जिन इलाकों में भौगोलिक रूप से नेटवर्क टावर लगाना चुनौतीपूर्ण था, वहां विशेष प्रयासों से कनेक्टिविटी सुनिश्चित की गई है।
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