गुरू रविंद्रनाथ टैगोर के काव्य रचनाओं की अकेल्ला चलव पुस्तक का विमोचन

बिलासपुर। विगत दिनों 10 जनवरी 2025 को सिम्स अस्पताल बिलासपुर के सभा गृह में ‘‘छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग’’ का 9वां प्रांतीय अधिवेशन में मुख्य अतिथी छ.ग. सरकार के सांस्कृति एवं धर्मस्य मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा दीप प्रजज्वलित कर अधिवेशन का उद्घाटन किये है। और अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ भाषा आयोग के मुख्य मांगो पर चर्चा करते हुए कहां है कि- ‘‘छत्तीगढ़ी भाषा को 8वीं अनुसूची में जरूर शामिल किया जावेगा। और इस पुण्य काम के लिए हमे कौन रोकेगा? छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ी भाषा एवं छत्तीसगढ़ राज्य का विकास जरूर हुये है। हम सब को इस उन्नतशील एवं विकासशील राज्य के निवासी होने पर गर्व है।’’ इस कार्यक्रम मुख्यअतिथी के अलावा अन्य विशिष्ट अतिथियों में गणमान्य विधायक माननीय धरमलाल कौशिक, माननीय सुशासन शुक्ला, एवं सिम्स बिलासपुर के अधिष्टता डॉ. रमणेश मुर्ती के अलावा अन्य गणमान्य अतिथी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ राज्य भाषा आयोग के 9वां प्रति अधिवेशन में कुल 07 सत्र हुये। प्रथम दिन 10 जनवरी 2025 को छः सत्र का कार्यक्रम रहा। और अंतिम दिन 11 जनवरी 2025 को सातवां सत्र के सात अधिवेशन का समापन हुआ।
प्रथम दिन 10 जनवरी 2025 को मुख्यअतिथी राजेश अग्रवाल एवं गणमान्य विशिष्ट अतिथीयों द्वारा ‘‘पुरखा के सम्मान’’ समारोह की शुरूवात किये है। एवं इसके साथ ही ‘‘छत्तीसगढ़ राज भाषा आयोग द्वारा प्रकाशित हुए छत्तीसगढ़ राज्य के 13 विशिष्ट साहित्यकारों द्वारा छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखित पुस्तकों का विमोचन किया गया है। जिनमें क्रमशः 1. मधू तिवारी (सीतापति कथा), 2. चोवा राम वर्मा ‘‘बादल’’ (गड़े कांटा पाव के), 3. डॉ. जय भारती चंद्राकर (रूख तरी आवव, झूलना झूलव), 4. डॉ. डी.पी.देशमुख (छत्तीसगढ़ म तीरथ धाम), 5. डॉ. गोकूल चंदन (चंदन के सुगंध), 6. कमलेश कुमार वर्मा (छंद कमल), 7. डोरे लाल केवर्त (पुरोनी), 8. संतोष मिरी ‘‘हेम’’ (छंद कलश), 9. पुरषोत्तम गुप्ता (अपन बर जिए त का जिए), 10. शत्रुहन जेसवानी ‘‘शाद’’ (अंजोर), 11. सुजाता चक्रवर्ती (अकेल्ला चलव-कवि गुरू रविंद्रनाथ टैगोर जी के काव्य रचनाओं का संग्रह छत्तीसगढ़ी भाषा मंे अनुवाद) इसके अतिरिक्त 2 अन्य छत्तीसगढ़ प्रख्यात साहित्यकारों का पुस्तक अतिव्यवस्थता के बीच शामिल हुये है।
बिलासपुर में आयोजित दो दिवसीय छत्तीसगढ़ राज भाषा आयोग का 9वां प्रांतीय अधिवेशन को संचालक विवेक आचार्य एवं सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार के साथ आयोग के सभी कर्मठ कर्मचारियों के अथक परिश्रम एवं कुशल बद्ध योजना के साथ कार्यक्रम को सफल बनाये है। इसके अतिरिक्त विजय शर्मा द्वारा सुरूचि पूर्ण एवं सारगर्भित शब्दो के साथ मंच संचालन से कार्यक्रम को सफल बनाये है।





