छत्तीसगढ़

रेखा त्यागी को प्रताड़ित कर हथियाई गई जमीन, प्रेसवार्ता में लगाए गंभीर आरोप

Shantanu Roy
17 May 2025 4:10 PM IST
रेखा त्यागी को प्रताड़ित कर हथियाई गई जमीन, प्रेसवार्ता में लगाए गंभीर आरोप
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में शनिवार को आयोजित एक सनसनीखेज़ प्रेसवार्ता ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता रेखा त्यागी और उनकी मां शारदा त्यागी ने मीडिया के समक्ष अपने साथ वर्षों से हो रहे शारीरिक, मानसिक और आर्थिक अत्याचार का दर्द बयां किया। शारदा त्यागी ने आंखों में आंसू और स्वर में रोष के साथ आरोप लगाए कि उनकी पुत्री रेखा की शादी वर्ष 1999 में सुंदर नगर निवासी सूर्यकांत त्यागी से हुई थी, जिसके बाद से ही रेखा को नर्क समान ससुराल जीवन झेलना पड़ा।
पुत्र की चाह में तीन जबरन गर्भपात, एक मृत प्रसव - मानवता हुई शर्मसार
शारदा त्यागी ने बताया कि विवाहोपरांत रेखा को पुत्र उत्पत्ति के दवाब में तीन बार जबरन गर्भपात के लिए मजबूर किया गया। चौथी बार जब भ्रूण परीक्षण में पुत्र की पुष्टि हुई, तो ‘मुहूर्त’ के नाम पर प्रसव में जानबूझकर देरी की गई, जिससे मृत शिशु का जन्म हुआ। यह एक सुनियोजित क्रूरता थी, जिससे रेखा का मातृत्व छीन लिया गया।
कमरे में बंद कर पीटा, जमीन हड़पी, फर्जीवाड़ा कर करोड़ों का घोटाला
प्रेसवार्ता में शारदा त्यागी ने यह भी खुलासा किया कि रेखा और उसकी नाबालिग पुत्री को कई बार कमरे में बंद कर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। यही नहीं, रेखा के नाम पर दर्ज 6.5 एकड़ कृषि भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के ज़रिए हड़प लिया गया और उस पर प्लॉटिंग कर खुलेआम करोड़ों की अवैध बिक्री की गई, जिससे शासन को भी भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

हरिसिंह की रहस्यमयी मौत और अमरनाथ त्यागी की दबंगई

रेखा के चाचा ससुर हरिसिंह त्यागी ने जब स्थिति को समझते हुए उसे मेरठ भेजा, तो कुछ समय बाद अमरनाथ त्यागी ने उसे वापस रायपुर बुलाया। इसके कुछ ही समय में हरिसिंह त्यागी की रहस्यमयी मौत हो गई, जिस पर आज तक कोई जांच नहीं हुई। वहीं अमरनाथ त्यागी का रसूख ऐसा रहा कि तमाम शिकायतों के बावजूद तेलीबांधा थाना और अन्य विभागों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

भारतीय संत सनातन धर्म रक्षा संघ की मांग - तत्काल गिरफ्तारी हो

प्रेसवार्ता में उपस्थित भारतीय संत सनातन धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष राहुल तिवारी ने इस मामले को ‘नारी सम्मान पर आघात’ बताया और कहा कि अमरनाथ त्यागी एवं सूर्यकांत त्यागी के विरुद्ध तड़ित गति से अपराध दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। तिवारी ने कहा कि रेखा को उसके अधिकार स्वरूप वसीयत में मिली भूमि शीघ्र वापस दिलाई जाए, अन्यथा यह मामला राजधानी के लिए कलंक बन जाएगा।

प्रशासन की चुप्पी - क्या रसूख के आगे कानून बौना पड़ गया है?

इस समूचे प्रकरण में सबसे शर्मनाक तथ्य यह है कि स्पष्ट साक्ष्यों, बार-बार की गई शिकायतों और सार्वजनिक मंच से उठी आवाज़ के बावजूद प्रशासन और पुलिस ने चुप्पी साध रखी है। क्या यह माना जाए कि अमरनाथ त्यागी का रसूख कानून के शासन से भी ऊपर हो गया है? अब देखना यह है कि क्या पुलिस-प्रशासन नींद से जागेगा या रेखा त्यागी न्याय के लिए दर-दर भटकती रहेगी।

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