छत्तीसगढ़

महिलाओं के खिलाफ अपराधों की होगी रियल टाइम मानिटरिंग...60 दिन में चालान पेश नहीं करने पर तत्काल सस्पेंड

Nil dhankar
24 Oct 2020 11:47 AM IST
महिलाओं के खिलाफ अपराधों की होगी रियल टाइम मानिटरिंग...60 दिन में चालान पेश नहीं करने पर तत्काल सस्पेंड
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प्रदेश में महिलाओं पर हो रहे अपराधों की निगरानी के लिए पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) स्तर पर पहल की जा रही है। डीजीपी डीएम अवस्थी ने बताया कि महिला विरूद्घ अपराधों की निगरानी व समीक्षा गूगल स्प्रेडशीट के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जिले को गूगल स्पे्रडशीट की एक लिंक भेजी जाएगी

रायपुर (जसेरि)। प्रदेश में महिलाओं पर हो रहे अपराधों की निगरानी के लिए पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) स्तर पर पहल की जा रही है। डीजीपी डीएम अवस्थी ने बताया कि महिला विरूद्घ अपराधों की निगरानी व समीक्षा गूगल स्प्रेडशीट के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जिले को गूगल स्पे्रडशीट की एक लिंक भेजी जाएगी। लिंक खोलते ही निर्धारित फार्मेट में प्रतिदिन महिला विरूद्घ अपराध व कार्रवाई की जानकारी देनी होगी। मानिटरिंग के लिए पुलिस मुख्यालय में विशेष महिला सेल का गठन किया गया है। मानिटरिंग के लिए एआइजी भावना गुप्ता को स्टेट नोडल अधिकारी बनाया गया है। मानिटरिंग सिस्टम एक नवंबर से लागू किया जा रहा है। डीजीपी अवस्थी ने शुक्रवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी आइजी और एसपी को निर्देश जारी किए।

डीजीपी अवस्थी पुलिस मुख्यालय से स्वयं महिला विरूद्घ अपराधों पर की गई कार्रवाई पर नजर रखेंगे। गूगल स्प्रेडशीट में अपराधों पर कार्रवाई नहीं होने पर तीन तरह के अलर्ट दिखेंगे। अपराध दर्ज करने के दिन से 15 दिन में गिरफ्तारी नहीं होने पर संबंधित जिले के कॉलम में येलो अलर्ट, गिरफ्तारी के बाद 15 दिन में चालान पेश नहीं करने पर रेड अलर्ट और गिरफ्तारी से 60 दिनों में चालान पेश नहीं करने पर ब्लैक लिस्ट दिखेगा। इस अवधि में महिला विरूद्घ अपराधों पर कार्रवाई न होने पर संबंधित पुलिस अधिकारी के विरूद्घ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

त्वरित न्याय दिलाना उद्देश्य : पुलिस मुख्यालय स्तर पर गूगल स्प्रेडशीट के माध्यम से महिला विरूद्घ अपराधों पर निगरानी रखने का मूल उद्देश्य पीडि़ताओं को त्वरित न्याय दिलाना है। इसके साथ ही आनलाइन मानिटरिंग सिस्टम होने से पेपर लेस रियल टाइम मानिटरिंग हो सकेगी।

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