छत्तीसगढ़

पिरदा की जमीन नहीं लेगा RDA ग्रामीणों की आपत्ति के बाद सरकार का फैसला

Shantanu Roy
2 Sept 2026 3:31 PM IST
पिरदा की जमीन नहीं लेगा RDA ग्रामीणों की आपत्ति के बाद सरकार का फैसला
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छग
Raipur. रायपुर। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की प्रस्तावित आवासीय कॉलोनी के लिए चिन्हांकित पिरदा गांव की जमीन का अब सरकार अधिग्रहण नहीं करेगी। ग्रामीणों की आपत्ति और उनकी आजीविका से जुड़े मुद्दे को देखते हुए सरकार ने परियोजना के लिए चिन्हांकित जमीन को लेने से पीछे हटने का फैसला किया है। मंगलवार को धरसींवा विधायक अनुज शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने मंत्रालय महानदी भवन में वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां रखीं। बैठक के दौरान
ग्रामीणों
ने मंत्री के सामने प्रस्तावित आवासीय परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध किया। ग्रामीणों का कहना था कि जिस जमीन को आवासीय कॉलोनी के लिए चिन्हांकित किया गया है, उस पर वे लंबे समय से खेती करते आ रहे हैं। यह जमीन उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में यदि जमीन का अधिग्रहण किया जाता है तो बड़ी संख्या में परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
मकान भी जमीन के दायरे में
ग्रामीणों ने बताया कि चिन्हांकित क्षेत्र में करीब 20 प्रतिशत लोगों के मकान भी मौजूद हैं। ऐसे में जमीन अधिग्रहण की स्थिति में केवल कृषि भूमि ही नहीं, बल्कि कई परिवारों के आवास भी प्रभावित हो सकते थे। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि उनकी कृषि भूमि और आवासीय क्षेत्र को प्रस्तावित परियोजना से बाहर रखा जाए। पिरदा में आरडीए की ओर से आवासीय कॉलोनी विकसित करने के लिए जमीन चिन्हांकित किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों और किसानों में चिंता बढ़ गई थी। ग्रामीणों ने इस संबंध में ग्रामसभा में भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। ग्रामसभा के माध्यम से उन्होंने कृषि भूमि को अधिग्रहण से बाहर रखने और प्रस्तावित परियोजना पर पुनर्विचार करने की मांग की थी।
विधायक ने मुख्यमंत्री के सामने उठाया मामला
ग्रामीणों की समस्या को धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने रखा। विधायक ने ग्रामीणों की आपत्तियों और जमीन से जुड़े उनके हितों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी को ग्रामीणों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। इसके बाद मंगलवार को विधायक अनुज शर्मा के नेतृत्व में पिरदा के ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल मंत्रालय महानदी भवन पहुंचा। यहां प्रतिनिधिमंडल ने वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात की। बैठक में ग्रामीणों ने विस्तार से बताया कि प्रस्तावित जमीन पर वर्षों से खेती की जा रही है और कई परिवारों के मकान भी इसी क्षेत्र में स्थित हैं।
ग्रामीणों की इच्छा के खिलाफ नहीं होगी परियोजना
मंत्री ओपी चौधरी ने ग्रामीणों की पूरी बात सुनी और उनकी आपत्तियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण अपनी जमीन पर आवासीय परियोजना नहीं चाहते हैं तो उनकी इच्छा के खिलाफ वहां परियोजना नहीं लाई जाएगी। मंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पिरदा की जमीन को आवासीय परियोजना के लिए नहीं लिया जाएगा। मंत्री चौधरी ने आरडीए को पिरदा की चिन्हांकित जमीन नहीं लेने के निर्देश देने की बात कही। सरकार के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने राहत जताई। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन उनके लिए केवल संपत्ति नहीं बल्कि खेती और परिवार के भरण-पोषण का मुख्य आधार है। सरकार के फैसले से उनकी आजीविका और आवास को लेकर बनी चिंता दूर हुई है।
किसानों में राहत का माहौल
सरकार के इस निर्णय के बाद पिरदा गांव के किसानों और ग्रामीणों में राहत का माहौल है। ग्रामीणों ने अपनी समस्या को शासन तक पहुंचाने और उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय लिए जाने पर विधायक अनुज शर्मा का आभार जताया। फिलहाल सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ग्रामीणों की सहमति के बिना पिरदा में प्रस्तावित आवासीय परियोजना के लिए जमीन नहीं ली जाएगी। इससे लंबे समय से जमीन अधिग्रहण को लेकर चिंतित ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। आरडीए की प्रस्तावित योजना के लिए अब पिरदा की जमीन के बजाय अन्य विकल्पों पर विचार किए जाने की संभावना है।
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