छत्तीसगढ़

दुर्ग में रवि निगम जिला बदर, एक साल तक 7 जिलों में प्रवेश पर लगी रोक

Shantanu Roy
3 Sept 2026 8:38 PM IST
दुर्ग में रवि निगम जिला बदर, एक साल तक 7 जिलों में प्रवेश पर लगी रोक
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Durg. दुर्ग। आपराधिक गतिविधियों में लगातार संलिप्तता के मद्देनजर जिला प्रशासन ने रवि निगम के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की है। जिला दण्डाधिकारी दुर्ग ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत कार्रवाई करते हुए रवि निगम को एक वर्ष की अवधि के लिए दुर्ग सहित आसपास के जिलों की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया है। आदेश के तहत उसे निर्धारित अवधि में सक्षम अनुमति के बिना प्रतिबंधित जिलों की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।
जिला दण्डाधिकारी ने जिला बदर प्रकरण क्रमांक 01/2026 में सुनवाई और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद यह आदेश जारी किया। आरोपी रवि निगम की उम्र 35 वर्ष है और वह रावण भाठा, सुपेला, जिला दुर्ग का निवासी है। आदेश के अनुसार उसे आदेश की तिथि से एक सप्ताह के भीतर प्रतिबंधित जिलों की सीमाओं से बाहर चले जाना होगा। प्रशासन के आदेश में दुर्ग के अलावा बालोद, धमतरी, बेमेतरा, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और रायपुर जिले की सीमाएं भी प्रतिबंधित की गई हैं। इस तरह कुल सात जिलों में रवि निगम के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। यह प्रतिबंध एक वर्ष की अवधि तक प्रभावी रहेगा।
2013 से लगातार दर्ज होते रहे मामले
पुलिस के अनुसार रवि निगम के खिलाफ वर्ष 2013 से 2025 के बीच सुपेला और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्रों में कुल पांच आपराधिक प्रकरण दर्ज पाए गए हैं। इनमें मारपीट, गाली-गलौज, धमकी, रास्ता रोकने और तोड़फोड़ सहित अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं। दर्ज मामलों में पहला अपराध क्रमांक 61/2013 थाना सुपेला का है, जिसमें धारा 294, 506, 323 और 34 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। इसके बाद अपराध क्रमांक 288/2018 में धारा 294, 506, 323, 34 और 427 भादवि के तहत कार्रवाई हुई।
वर्ष 2023 में भी आरोपी के खिलाफ थाना सुपेला में दो मामले दर्ज हुए। अपराध क्रमांक 315/2023 में धारा 294, 506, 341 और 34 भादवि तथा अपराध क्रमांक 494/2023 में धारा 294, 506, 323 और 34 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। वहीं वर्ष 2025 में थाना पद्मनाभपुर में अपराध क्रमांक 320/2025 दर्ज किया गया। इसमें धारा 296, 115(2) और 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस प्रतिवेदन के आधार पर हुई कार्रवाई
रवि निगम के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर शुरू की गई थी। जिला बदर प्रकरण में पुलिस प्रतिवेदन के साथ आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड, अभियोजन साक्षियों के कथन, बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत जवाब और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। प्रशासन ने उपलब्ध रिकॉर्ड और मामले से जुड़े तथ्यों की समीक्षा के बाद माना कि लोक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई आवश्यक है।
इसके बाद जिला दण्डाधिकारी ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत एक वर्ष के लिए जिला बदर का आदेश जारी किया। आदेश के तहत रवि निगम को निर्धारित अवधि तक दुर्ग समेत प्रतिबंधित सात जिलों की सीमा से बाहर रहना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सक्षम अनुमति के बिना प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने पर उसके खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।
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