छत्तीसगढ़
कोरबा में मिला दुर्लभ चिंगराज सांप, राशन के बीच छिपा था फॉरस्टेन कैट स्नेक
Shantanu Roy
2 Nov 2025 11:08 PM IST

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Korba. कोरबा। कोरबा जिले के मानिकपुर क्षेत्र में एक दुर्लभ प्रजाति के सांप का सफल रेस्क्यू किया गया। करीब 5 फीट लंबा काले-सफेद धारियों वाला यह सांप, जो स्थानीय भाषा में चिंगराज सांप या बिल्ली सांप (Forsten’s Cat Snake) के नाम से जाना जाता है, रविवार की रात जेपी कॉलोनी निवासी दया शंकर मिश्रा के घर में घुस आया। सांप को घर के राशन सामग्री के बीच छिपे हुए देखा गया, जिससे परिवार के सदस्यों में हड़कंप मच गया। परिवार ने घबराने के बजाय सूझबूझ दिखाई और तुरंत वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे के प्रयास के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया।
रात 9:30 बजे शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
मामले की सूचना सबसे पहले पूर्व पार्षद एवं पार्षद प्रतिनिधि सुशील गर्ग ने वाइल्डलाइफ टीम को दी थी। उन्होंने बताया कि रात करीब 9:30 बजे दया शंकर मिश्रा ने उन्हें फोन कर घर में सांप होने की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को सूचना दी। टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर की तलाशी ली। कुछ ही देर में रसोई के पास रखे राशन के थैलों के बीच सांप दिखाई दिया। टीम के सदस्यों ने विशेष उपकरणों की मदद से सांप को बिना किसी नुकसान पहुंचाए सुरक्षित थैले में पकड़ा।
दुर्लभ प्रजाति — ‘Forsten’s Cat Snake’
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सांप फॉरस्टेन कैट स्नेक (Forsten’s Cat Snake) प्रजाति का है, जिसे आमतौर पर चिंगराज या बिल्ली सांप कहा जाता है। यह हल्का विषैला होता है, लेकिन मनुष्यों के लिए जानलेवा नहीं होता। यह प्रजाति दक्षिण-पूर्व एशिया, इंडोनेशिया, और भारत के कुछ हिस्सों में पाई जाती है। इसकी पहचान इसके काले-सफेद धारियों वाले सुंदर शरीर और बिल्ली जैसी आंखों से की जाती है। यह प्रजाति आमतौर पर पेड़ों, झाड़ियों और जंगलों के किनारे रहने की शौकीन होती है, और चूहों व छिपकलियों जैसे छोटे जीवों को खाती है। जितेंद्र सारथी ने बताया कि यह सांप पहली बार मानिकपुर क्षेत्र में देखा गया है। संभव है कि बारिश और ठंड के मौसम में यह भोजन या गर्मी की तलाश में रिहायशी इलाके में भटक आया हो।
स्थानीय लोगों में मचा हड़कंप, फिर मिली राहत
घर के मालिक दया शंकर मिश्रा ने बताया कि उन्होंने ऐसा सांप पहले कभी नहीं देखा था। जब उन्होंने राशन थैले के पास कुछ हिलता देखा, तो पहले तो उन्हें लगा कि कोई चूहा होगा, लेकिन ध्यान से देखने पर सांप नजर आया। उन्होंने तुरंत पड़ोसी सुशील गर्ग को सूचना दी और फिर वाइल्डलाइफ टीम को बुलाया। कुछ ही देर में मौके पर पहुंची टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाया। सांप को पकड़ने के बाद जितेंद्र सारथी ने मौके पर मौजूद लोगों को इस प्रजाति के बारे में जागरूक किया और बताया कि यह सांप मानव को नुकसान नहीं पहुंचाता। रेस्क्यू के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। कई लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा भी किया, जिससे यह खबर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई।
सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया सांप
सफल रेस्क्यू के बाद वाइल्डलाइफ टीम ने सांप को उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया। जितेंद्र सारथी ने बताया कि इस तरह के दुर्लभ जीवों की सुरक्षा और संरक्षण अत्यंत जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सांप दिखने पर घबराएं नहीं, खुद से उसे मारने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
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