छत्तीसगढ़
रानी दुर्गावती और शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी समाज के शौर्य और साहस का प्रतीक: रामविचार नेताम
Shantanu Roy
24 Jun 2026 6:54 PM IST

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Mahasamund. महासमुंद। आदिम जाति कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री राम विचार नेताम आज महासमुंद जिला मुख्यालय में आयोजित रानी दुर्गावती की 462वां शहादत दिवस एवं अमर शहीद वीर नारायण सिंह प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मंत्री राम विचार नेताम द्वारा बीटीआई रोड स्थित रानी दुर्गावती चौक में स्थापित वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके पश्चात मंत्री राम विचार नेताम द्वारा अटल परिसर में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। तत्पश्चात आदिवासी ध्रुव गोड़ समाज द्वारा आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मण्डावी, औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर,एवं आदिवासी ध्रुव गोड़ समाज के अध्यक्ष डेजी रानी नेताम सहित आदिवासी समाज के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समुदाय की महिलाएं एवं पुरूष मौजूद थे। इस अवसर पर समाज के प्रतिभावान छात्र छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
आदिम जाति कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह अवसर हमारे लिए गौरव, प्रेरणा और संकल्प का अवसर है। हम सभी यहां गोंडवाना की महान वीरांगना रानी दुर्गावती के शहादत दिवस और छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर नारायण सिंह की प्रतिमा अनावरण के अवसर पर एकत्रित हुए हैं। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर अद्वितीय साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया। वहीं वीर नारायण सिंह ने अन्याय और शोषण के विरुद्ध संघर्ष करते हुए जनहित और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। रानी दुर्गावती और शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी समाज के शौर्य और साहस का प्रतीक है। हम सभी का दायित्व है कि इन महान विभूतियों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं तथा समाज में एकता, समरसता, शिक्षा, विकास और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय योगदान दें।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि हमारा समाज देश के कोने-कोने में है और आज सबसे बड़ी चुनौती अपनी संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए समाज को शिक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से 18 लाख गरीब परिवारों को आवास मिला है। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के लिए बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया। किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त खाद और बीज उपलब्ध कराना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज का भंडारण सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही सरकार कालाबाजारी, जमाखोरी तथा नकली खाद-बीज के कारोबार पर सख्त कार्रवाई कर रही है। किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार आधुनिक और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। नैनो डीएपी, नैनो यूरिया, मृदा परीक्षण, ड्रोन तकनीक तथा कृषि यंत्रीकरण जैसी नवीन तकनीकों को किसानों तक पहुंचाया जा रहा है। इससे उत्पादन लागत कम होगी और उत्पादकता में वृद्धि होगी। सरकार किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि उन्हें अधिक लाभ प्राप्त हो सके। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्रों को एकीकृत रूप से विकसित किया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि होगी।
सांसद रूपकुमारी चौधरी ने शहादत दिवस पर रानी दुर्गावती के साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने साहस, पराक्रम और अदम्य आत्मबल से इतिहास में अमिट स्थान बनाया। उन्होंने मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। वहीं वीर नारायण सिंह ने गरीबों, किसानों और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आवाज बुलंद की। उनका बलिदान छत्तीसगढ़ की अस्मिता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की गौरवशाली जनजातीय परंपराओं, स्वतंत्रता सेनानियों और लोकनायकों को उचित सम्मान देने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंच रहा है। इसी तरह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति, परंपरा और महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि गोड़वाना साम्राज्य की वीरांगना महारानी दुर्गावती मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान दिया। उनका साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति आज भी समाज को प्रेरणा प्रदान करती है। इसी तरह वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजी शासन के अन्याय और शोषण के विरुद्ध संघर्ष करते हुए गरीबों, किसानों और जरूरतमंदों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनका बलिदान छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत का अमूल्य अध्याय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास और महापुरुषों के योगदान को संरक्षित एवं सम्मानित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विधायक श्री सिन्हा ने कहा कि क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, कृषि तथा युवाओं के रोजगार के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। विकास की इस यात्रा में जनता की भागीदारी हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।
पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती ने मुगलों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और शहीद वीर नारायण सिंह अंग्रेजो के विरूद्ध लड़ाई लड़ी दोनों ही आदिवासी समाज का गौरव है। इन विभूतियों ने अपने जीवन से आदर्श स्थापित किए, उनके विचारों और मूल्यों को अपनाकर ही हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं। जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीमख सिंह ठाकुर ने कहा कि आज गौरव का दिन है कि शहादत दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के महिलाएं एवं पुरूष एकत्र हुए है। हमारा समुदाय जल, जंगल और जमीन के रखवाले है। हम धरती से जुड़े लोग है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को सम्मान देने का कार्य कर रहा है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में राज्य सरकार जनजातीय समाज, किसानों, युवाओं और महिलाओं के विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। विकास और विरासत को साथ लेकर चलने की यह सोच हमारे प्रदेश को नई पहचान दे रही है। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष दिशा दीवान, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवी चंद राठी, मोनिका साहू, सतपाल सिंह पाली सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, आदिवासी समाज की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
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