छत्तीसगढ़

रायपुर : सनक, नशे में बात-बात पर चाकूबाजी, वारदातों से खौफ...छुटभैया नेताओं के संरक्षण में चल रहा हैं नशे का कारोबार

Janta Se Rishta Admin
29 Oct 2020 6:04 AM GMT
रायपुर : सनक, नशे में बात-बात पर चाकूबाजी, वारदातों से खौफ...छुटभैया नेताओं के संरक्षण में चल रहा हैं नशे का कारोबार
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रायपुर शहर में चाकूबाजी की हर दिन नए-नए वारदातें सामने आ रहे है जिसकी वजह से आम लोगों में डर का भाव बना हुआ है

> नशेडिय़ों का शहर में आतंक, बात पर अड़ा देते है सामान

> पुलिसिया डंडे का खौफ नहीं चाकूबाजों को, रोज दे रहे वारदात को अंजाम

> अपराधियों के हौसले बुलंद सरेराह घूम रहे हथियार लेकर

जसेरि रिपोर्टर

रायपुर। रायपुर शहर में चाकूबाजी की हर दिन नए-नए वारदातें सामने आ रहे है जिसकी वजह से आम लोगों में डर का भाव बना हुआ है। शहर में चाकूबाज बेखौफ होकर घूम रहे है चाकूबाजी की घटनाएं थम ही नहीं रही है, हर मामूली बात पर ही बदमाश चाकू मार रहे हैं। इन बदमाशों को चाकू मारने की हिम्मत नशे से मिलती है।

चाकूबाजी के ९९ फीसदी मामलों में आरोपी भी नशेड़ी ही होते हैं और नशे में धुत होकर चाकू मारते हैं। चाकूबाजी की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। इसकी बड़ी वजह आदतन नशेडिय़ों और बदमाशों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होना है। रोज कहीं-न-कहीं बदमाश चाकू की नोक पर लूट और मारपीट कर रहे हैं। चाकूबाजों के आतंक से आम लोग दहशत में हैं। राह चलते लोगों को चाकू मारकर घायल करके पैसा, मोबाइल लूटने की घटनाएं जहां लगातार हो रही हैं, वहीं पुरानी रंजिश का बदला लेने चाकू, तलवार का खुलकर इस्तेमाल किया जा रहा है। बदमाशों में पुलिस का खौफ दिखाई नहीं दे रहा।अपराध पर लगाम नहीं लग पा रही है। यहां आए दिन चाकूबाजी की घटनाएं हो रही हैं। राजधानी में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अपने साथ हथियार लेकर घूम रहे है। राजधानी में आये दिन मारपीट जैसी वारदातें होती जा रही है। जिससे आम जनता भी बहुत परेशान हो रही है। रायपुर में आए दिन चाकूबाजी, बलवा, मारपीट, और गाली-गलौज के मामले सामने आते रहते है। जिससे पुलिस भी एक हद तक परेशान हो ही रही है। मारपीट की वारदात में भी दो लोगों में कोई वाजिब मुद्दा नहीं होता फिर भी मारपीट होती है। और आपसी व पुरानी रंजिश के चलते भी युवक चाकू से हमला कर देते है। अपराधियों के ऐसे बर्ताव को देखते हुए पुलिस ने अब अपनी कमर कस ली है और आरोपियों के खिलाफ एक मुहिम चलाकर अपराध कम करने में जुटी हुई है।

नशे की गोलियों से होती चाकूबाजी की वारदातें : प्रदेश में चाकूबाजी, छिनताई के साथ घरेलू हिंसा के केस लगातार बढ़ रहे हैं। राजधानी में पहले एक युवक ने अपने तीन बच्चों को चाकू मारकर उनकी जान लेने की कोशिश की। बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने जब पिता को पकड़ा तो पता चला उसने नशे की गोलियां खाईं थी। नशे में उसने अपने ही बच्चों को मारने की कोशिश की। रायपुर में झांकी के दौरान एक ही रात में हत्या की ३ वारदातें हुईं। तीनों हत्या गोली के नशे में हुई। राज्यभर में ऐसी वारदातें हो ही रही हैं।

छुटभैया नेताओं का मिला शह : बैजनाथ पारा में गांजा पीने से मना करने पर महिला को चाकू मारने वाले मेराज कुरैशी, सैय्यद समीर अली, मोहम्मद नजीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर थाने के लॉकअप में बंद कर दिया था। लॉकअप के भीतर से तीनों थाना में उपस्थित लोगों को धमकी दे रहे हैं। और खुद को एक नेता का आदमी बता रहे थे।

मामूली बात पर मारा चाकू : राजेंद्र नगर इलाके में दुर्गा नगर निवासी कुमार बाघ रात को अपने घर जा रहा था। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर संजू निहाल और चिंटू वर्मा ने उसे रोका और गाली-गलौज शुरू कर दी।

बहन से बात करने से मना किया, तो मारा चाकू

गुढिय़ारी के बड़ा अशोक नगर में एक युवती से बात करने से मना करने पर बदमाश ने उसके भाई को चाकू मार दिया। पुलिस के मुताबिक गौरी-गौरा चौक में दोपहर को योगेश साहू एक युवती से जबरदस्ती बातचीत करने की कोशिश कर रहा था। यह देखकर उसके भाई करण ने योगेश को मना किया। इससे नाराज होकर आरोपी ने करण को चाकू मार दिया। पुलिस ने योगेश के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

शराब, गांजा, चरस, ड्रग्स, अफीम तस्करी का खेल खुलेआम

राजधानी में शराब, गांजा, चरस, ड्रग्स, अफीम की तस्करी का खेल खुलेआम चल रहा है, नशे का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। शहर के अधिकांश लोग यहां से फोन पर कांटेक्ट कर माल की सप्लाई करते हैं। इसके लिए तस्करों ने महिलाओं और बच्चों को नियुक्त कर रखा है। तस्कर कई बार पकड़ जाते हैं मगर छुटभैया नेताओं की मिली भगत के चलते कार्रवाई होती है मगर छुटभैया नेताओं के संरक्षण मिलने से नशे के कारोबारी खुलेआम अपना काला कारोबार कर रहे है। नशेड़ी यहां खुलेआम धुंआ उड़ाते नजर आते हैं। यहां नवयुवक नशे के इतने आदी हो गए है कि नहीं मिलने पर पागलपन सवार हो जाता है, जिसके कारण अपराध बढ़ रहे है। राजधानी की संड़ांध मारती गली-मोहल्लों में पुडिय़ा बाजों ने अड्डा बना रखा है, जहां से वह घरों में सप्लाई कर रहे है। सूत्रों के मुताबिक इस काळा कारोबार में छुटभैया नेताओं का हाथ है, जो उनसे अवैध वसूली कर उन्हें बचाने के लिए संरक्षण देकर गांजा और नशे के काले कारोबार को बढ़ावा दे रहे है। गांजा तस्करों का गिरोह नशेडिय़ों को सस्ते में नशा उपलब्ध करवा रहे है। हर गली मोहल्लो में १० रुपए में गांजे की पुडिय़ा मिल रही है।

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