छत्तीसगढ़
रायपुर कोर्ट का सख्त फैसला, दो हत्याकांड मामलों में आरोपियों को उम्रकैद की सजा
Shantanu Roy
2 Jan 2026 6:44 PM IST

x
छग
Raipur. रायपुर। जिला एवं सत्र न्यायालय रायपुर ने दो जघन्य हत्याकांड मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने यह स्पष्ट किया कि पारिवारिक रिश्तों या मामूली विवादों के नाम पर हिंसा और हत्या को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। दोनों मामलों में अदालत ने सबूतों, गवाहों और अभियोजन पक्ष की दलीलों को आधार बनाकर यह फैसला सुनाया।
पहला मामला पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार करने वाला है। इस प्रकरण में आरोपी साहेब लाल तातीराम ने अपनी ही सगी बहन सोनी कुमारी और उसके बच्चों पर जानलेवा हमला किया था। बताया गया कि आरोपी अपनी बहन के अंतरजातीय विवाह से नाराज़ था। इसी नाराजगी के चलते उसने आपा खो दिया और बहन तथा उसके मासूम बच्चों पर हमला कर दिया। इस हमले में बहन की छोटी बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य परिजन गंभीर रूप से घायल हुए थे। विशेष लोक अभियोजक उमाशंकर ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने घटना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य प्रमाण प्रस्तुत किए। न्यायालय ने माना कि आरोपी का कृत्य न केवल क्रूर और अमानवीय था, बल्कि समाज में गलत संदेश देने वाला भी था। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
दूसरा मामला बेहद मामूली विवाद से शुरू होकर हत्या तक पहुंचने का है। यह घटना एक चिकन दुकान पर हुई, जहां मोबाइल फोन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस विवाद में आरोपी सुनील चौहान ने नरेश कुमार धीवर के साथ मारपीट की। अभियोजन के अनुसार, गुस्से में आकर आरोपी ने मृतक का सिर जोर से जमीन पर पटक दिया, जिससे उसे गंभीर चोट आई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में लोक अभियोजक पूजा मोहिते ने अदालत को बताया कि घटना के प्रत्यक्षदर्शी मौजूद थे और मेडिकल रिपोर्ट से भी यह स्पष्ट हुआ कि सिर पर आई गंभीर चोट के कारण ही मृत्यु हुई। अदालत ने यह माना कि आरोपी ने जानबूझकर ऐसा कृत्य किया, जिससे मौत होना स्वाभाविक था। इसलिए इसे गैर इरादतन नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक कृत्य मानते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता, गुस्सा और छोटी-छोटी बातों पर हिंसा की प्रवृत्ति बेहद चिंताजनक है। कानून ऐसे अपराधों पर कठोर कार्रवाई करेगा ताकि समाज में कानून का भय बना रहे और आम नागरिकों को न्याय मिल सके। इन दोनों मामलों में आए फैसलों को न्यायिक व्यवस्था का सख्त संदेश माना जा रहा है। आम लोगों और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के निर्णय समाज में अपराध करने वालों के लिए चेतावनी हैं कि कानून के हाथ लंबे हैं और न्याय देर से ही सही, लेकिन मिलता जरूर है।
Tagsरायपुर जिला न्यायालयपंकज कुमार सिन्हाआजीवन कारावासहत्याकांड फैसलासाहेब लाल तातीरामअंतरजातीय विवाह विवादबहन की हत्या का प्रयासमासूम बच्ची की मौतसुनील चौहाननरेश कुमार धीवरमोबाइल विवाद हत्याचिकन दुकान मामलालोक अभियोजककोर्ट फैसलाछत्तीसगढ़ अपराध समाचारRaipur District CourtPankaj Kumar Sinhalife imprisonmentmurder verdictSaheb Lal Tatiraminter-caste marriage disputeattempt to murder sisterdeath of innocent girlSunil ChauhanNaresh Kumar Dhiwarmobile dispute murderchicken shop casepublic prosecutorcourt verdictChhattisgarh crime news
Next Story





