छत्तीसगढ़

Raipur Breaking: फरार परदेशिया सूदखोर वीरेन्द्र तोमर को मिली एक दिन की पुलिस रिमांड

Shantanu Roy
9 Nov 2025 9:21 PM IST
Raipur Breaking: फरार परदेशिया सूदखोर वीरेन्द्र तोमर को मिली एक दिन की पुलिस रिमांड
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक लंबे और रणनीतिक अभियान के बाद आखिरकार सूदखोर और फरार आरोपी वीरेन्द्र सिंह तोमर उर्फ रूबी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले 6 महीने से फरार था और उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया था, जो राजस्थान, हरियाणा और ग्वालियर में लगातार पतासाजी कर रही थीं। वीरेन्द्र तोमर और उसके भाई रोहित सिंह तोमर के खिलाफ थाना तेलीबांधा एवं थाना पुरानी बस्ती में कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।


इनमें शामिल हैं: अपराध क्रमांक 332/2025 धारा 296, 115(2), 351(2), 3(5) बी.एन.एस.,
अपराध क्रमांक 229/25 धारा 25 आर्म्स एक्ट,
अपराध क्रमांक 230/25 धारा 308(2), 111(1) भा.न्या.स.,
तथा धारा 04 छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम।
अपराधों में सूदखोरी, हथियारों का अवैध संरक्षण और ऋणियों से परेशान करने जैसी घटनाएं शामिल हैं। वीरेन्द्र तोमर और रोहित तोमर घटना के दिन से लगातार फरार थे। पुलिस के अनुसार, दोनों भाईयों ने लगातार अपने लोकेशन बदलते हुए किसी भी प्रकार के डिजिटल डिवाइस का उपयोग नहीं किया। इस वजह से उन्हें ट्रैक करना मुश्किल था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया और राजस्थान, हरियाणा एवं ग्वालियर में आरोपियों की पतासाजी हेतु टीम भेजी गई। टीम ने विभिन्न स्थानों से जानकारी इकट्ठा की और वीरेन्द्र तोमर को ग्वालियर में लोकेट कर गिरफ्तारी किया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे एक दिन की पुलिस रिमांड मिली। सोमवार को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा। फिलहाल वह रात पुलिस कस्टडी में बिताएगा। पुलिस उससे विस्तृत पूछताछ कर रही है और जांच में जुटी है कि उसने सूदखोरी और अन्य अपराधों में किस हद तक भूमिका निभाई। गिरफ्तारी के तुरंत बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर ने नगद ईनाम की घोषणा की। पुलिस ने आरोपी की संपत्ति की कुर्की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फरार भाई रोहित तोमर की भी लगातार तलाश की जा रही है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान इस प्रकार है
वीरेन्द्र सिंह तोमर उर्फ रूबी, पिता स्व. ओमप्रकाश तोमर, निवासी साईं विला, भाठागांव, थाना पुरानी बस्ती, रायपुर।
इस कार्रवाई में निरीक्षक शील आदित्य सिंह, थाना प्रभारी पुरानी बस्ती, एण्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट प्रभारी निरीक्षक परेश कुमार पांडेय सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम के अन्य सदस्य जिन्होंने गिरफ्तारी में सहयोग किया, वे हैं- उनि सतीश पुरिया, मुकेश सोरी, सउनि गेंदुराम नवरंग, प्र.आर. गुरूदयाल सिंह, उपेन्द्र यादव, महेन्द्र राजपूत, सुनील सिलवाल, प्रमोद वर्ठी, घनश्याम साहू, म.प्र.आर. बसंती मौर्या, आर. प्रमोद बेहरा, विकास क्षत्री, भूपेन्द्र मिश्रा, मनोज सिंह, संतोष सिन्हा, आशीष राजपूत और अभिषेक सिंह तोमर।

पुलिस ने बताया कि वीरेन्द्र तोमर की गिरफ्तारी एक सटीक और सूझबूझ भरे अभियान का नतीजा है। पिछले छह महीने में आरोपी लगातार फरार रहने के बावजूद पुलिस ने हार नहीं मानी और व्यापक स्तर पर इनपुट इकट्ठा कर उसे पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वीरेन्द्र तोमर ने फरारी के दौरान अपने नेटवर्क का इस्तेमाल कर आपराधिक गतिविधियों को जारी रखा। इस दौरान आरोपी ने कई स्थानों पर छिपकर अपने अवैध लेन-देन और सूदखोरी का काम किया। पुलिस की पकड़ में आने के बाद आरोपी से पूछताछ में कई नए तथ्यों और साथी आरोपियों के नामों का खुलासा होने की संभावना है।

अपराधियों की पतासाजी में पुलिस ने स्ट्रेटेजिक रिसर्च और तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया। राजस्थान और ग्वालियर में टीमों ने आरोपी के परिचितों, पड़ोसियों और संभावित ठिकानों से जानकारी जुटाई, जिससे वीरेन्द्र तोमर का लोकेशन निर्धारित किया जा सका। इस गिरफ्तारी के साथ ही रायपुर पुलिस ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जो भी फरार अपराधी है, उसे पुलिस ढूंढकर पकड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत थाने को दें। वीरेन्द्र तोमर के भाई रोहित तोमर की तलाश अब भी जारी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि रोहित भी गिरफ्तार नहीं होता है, तो उसे पकड़ने के लिए पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस कार्रवाई से रायपुर में अपराध नियंत्रण की दिशा में पुलिस की सक्रियता और तत्परता का प्रदर्शन हुआ है। नागरिकों ने भी इस गिरफ्तारी की सराहना की और पुलिस की तत्परता को सकारात्मक कदम बताया।
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