छत्तीसगढ़

साइबर अपराध के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की पहल

Shantanu Roy
14 Aug 2026 7:19 PM IST
साइबर अपराध के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की पहल
x
छग
Raigarh. रायगढ़। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस ने प्रदेशभर में “साइबर जागृति अभियान” शुरू किया है। साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, यूपीआई फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और फिशिंग जैसे अपराधों से लोगों को बचाने के उद्देश्य से यह अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा। छत्तीसगढ़ को साइबर अपराध मुक्त बनाने के संकल्प के साथ शुरू किए गए इस अभियान को देश के सबसे अनोखे और इनोवेटिव सोशल मीडिया अभियानों में से एक बताया जा रहा है। अभियान के तहत आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है।

“साइबर जागृति की एक सेल्फी” होगी अभियान की थीम
इस अभियान की मुख्य थीम “साइबर जागृति की एक सेल्फी” रखी गई है। इसके तहत लोग छत्तीसगढ़ पुलिस और जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स पर जारी लिंक को क्लिक कर या क्यूआर कोड स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में अपनी फोटो ले सकेंगे। इसके बाद नागरिक अपनी सेल्फी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर करेंगे। पुलिस का मानना है कि जब लाखों लोग इस अभियान से जुड़ेंगे और जागरूकता संदेश वाली सेल्फी साझा करेंगे तो साइबर अपराध से बचाव का संदेश तेजी से लोगों तक पहुंचेगा। इस अभियान का उद्देश्य सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना है।

रायगढ़ में एएसपी अनिल सोनी ने किया शुभारंभ
“साइबर जागृति अभियान” का शुभारंभ राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री द्वारा किया गया। वहीं रायगढ़ जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी ने प्रेस वार्ता के माध्यम से अभियान की शुरुआत की। एएसपी अनिल सोनी ने अभियान की लिंक और क्यूआर कोड जारी किया। उन्होंने स्वयं अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर जागरूकता सेल्फी ली और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इस दौरान उन्होंने जिलेवासियों को अभियान की जानकारी देते हुए सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संगठनों, संस्थाओं,
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स
, प्रोफेशनल्स और कलाकारों सहित सभी नागरिकों से अभियान में जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश की आजादी के लिए करोड़ों लोग एकजुट हुए थे, उसी तरह साइबर अपराध के खिलाफ भी सभी को मिलकर जागरूकता फैलानी होगी। उन्होंने नागरिकों से “साइबर जागृति अभियान” के लिए जागरूकता की एक सेल्फी लेने और सोशल मीडिया पर साझा करने की अपील की।
सात सप्ताह तक चलेंगे अलग-अलग कार्यक्रम
रायगढ़ जिला पुलिस ने अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की तैयारी की है। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक सात सप्ताह में अलग-अलग वर्गों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पहले सप्ताह में स्कूल और कॉलेजों में डिजिटल सतर्कता एवं बुनियादी साइबर सुरक्षा को लेकर अभियान चलाया जाएगा।
दूसरे सप्ताह में बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से वित्तीय धोखाधड़ी और यूपीआई सुरक्षा के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम होंगे।
तीसरे सप्ताह में वरिष्ठ नागरिकों के साथ डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचाव को लेकर टाउन हॉल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
चौथे सप्ताह में महिला कॉलेजों और सामुदायिक समूहों के बीच स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउजिंग को लेकर जागरूकता अभियान चलेगा।
पांचवें सप्ताह में रोजगार कार्यालयों, आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में युवाओं को जॉब फ्रॉड और फिशिंग से बचाव की जानकारी दी जाएगी।
छठवें सप्ताह में डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
सातवें सप्ताह में ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में गांधी जयंती के अवसर पर साइबर मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प अभियान आयोजित होगा।
QR कोड और सोशल मीडिया से लोगों तक पहुंचेगा संदेश
जिला पुलिस द्वारा सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, बाजारों और पार्कों में पोस्टर-बैनर के माध्यम से क्यूआर कोड का प्रचार किया जाएगा। इसके अलावा पुलिस सोशल मीडिया हैंडल्स और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए भी लोगों को अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी। अभियान का समापन 2 अक्टूबर 2026 गांधी जयंती के दिन किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है और प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही साइबर सुरक्षित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है।
Next Story