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Raigarh. रायगढ़। साइबर अपराधों के प्रति लोगों, विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस की ओर से आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता का शुक्रवार को भव्य समापन एवं सम्मान समारोह हुआ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान रायगढ़ पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता के लिए तैयार विशेष शॉर्ट फिल्म “The Cyber Trap” की स्क्रीनिंग भी की गई।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि आज तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध भी बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता डिजिटल सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने युवाओं से साइबर एम्बेसडर की भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा स्वयं सुरक्षित रहने के साथ अपने परिवार, दोस्तों और समाज के दूसरे लोगों को भी साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक करें।
दुर्ग सांसद विजय बघेल ने भी रायगढ़ पुलिस की तकनीक और AI आधारित जनजागरूकता पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। आधुनिक तकनीक और AI का इस्तेमाल जनहित एवं लोगों की सुरक्षा के लिए किया जाना चाहिए। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी साइबर जागृति अभियान चलाया गया। सात सप्ताह तक चले अभियान के दौरान रायगढ़ जिले में विभिन्न गतिविधियों के जरिए करीब 2 लाख लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
इसी अभियान के तहत “संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा के संदेश को सिनेमा और युवाओं की रचनात्मकता के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था। प्रतियोगिता को देशभर से अच्छा प्रतिसाद मिला। पुलिस के मुताबिक 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। खास बात यह रही कि रूस से भी एक फिल्म प्रतियोगिता के लिए भेजी गई। आयोजन में रोटरी क्लब रायगढ़ का सहयोग रहा, जबकि प्रतियोगिता के प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios ने संभाली।
फिल्मों के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए फिल्म निर्माण और कला जगत से जुड़े अनुभवी लोगों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। इनमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्म “भूलन: द मेज़” के निर्देशक मनोज वर्मा, फिल्मकार योगेंद्र चौबे और रंगकर्मी, अभिनेता एवं डॉक्यूमेंट्री फिल्मकार सुनील चिपड़े शामिल रहे। प्रतियोगिता की 3 से 6 मिनट की श्रेणी में स्वपनिल कोटरीवार की फिल्म “दूसर छोर” ने पहला स्थान हासिल किया। होमेन्द्र कुमार की “जरूरत” दूसरे और प्रकाश पटेल की “गुपचुप ठेला” तीसरे स्थान पर रही। प्रथम विजेता को एक लाख, द्वितीय को 75 हजार और तृतीय विजेता को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
वहीं 1 से 3 मिनट की दूसरी श्रेणी में दीपक जायसवाल की “एक्सेस लिंक” प्रथम रही। तुषार सोलंकी की “Dial 1930” ने दूसरा और समीर चन्द्रा की “Golden Hour” ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को क्रमशः 75 हजार, 50 हजार और 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इस तरह दोनों श्रेणियों में घोषित पुरस्कारों की कुल राशि 3.75 लाख रुपये रही। समारोह में रायगढ़ पुलिस की विशेष साइबर अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म “The Cyber Trap” भी दिखाई गई। यह प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं थी, बल्कि ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों के नए तरीकों से आम नागरिकों को सावधान करने के लिए अलग से तैयार की गई है। फिल्म की कहानी और निर्देशन ऋभू समर्थ सिंह ने किया है। इसमें एसएसपी शशि मोहन सिंह सहित पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य कलाकारों ने भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल, महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, एसएसपी शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रतिभागी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। रायगढ़ पुलिस ने अभियान के माध्यम से नागरिकों को संदेश दिया कि अनजान लिंक, संदिग्ध कॉल और डिजिटल लेन-देन के दौरान विशेष सतर्कता बरतें। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करना जरूरी है, ताकि समय रहते रकम को रोकने की कार्रवाई की जा सके।
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