छत्तीसगढ़

रायपुर में गौवंश की सुरक्षा के लिए रेडियम कॉलर अभियान शुरू

Shantanu Roy
9 Aug 2026 8:30 PM IST
रायपुर में गौवंश की सुरक्षा के लिए रेडियम कॉलर अभियान शुरू
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छग
Raipur. रायपुर। राजधानी में रात के समय सड़कों और हाईवे पर बैठे या विचरण कर रहे मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। यातायात पुलिस, कमिश्नरेट रायपुर और छत्तीसगढ़ सीसीटीवी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में रेडियम कॉलर अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य सड़क पर मौजूद गौवंश को रात के अंधेरे में वाहन चालकों को दूर से दिखाई देना और संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है।
अभियान के तहत छत्तीसगढ़ सीसीटीवी संगठन की ओर से रायपुर यातायात पुलिस को 1000 नग रेडियम कॉलर उपलब्ध कराए गए हैं। मरीन ड्राइव, रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा और छत्तीसगढ़ सीसीटीवी संगठन के पदाधिकारियों ने हाईवे पेट्रोलिंग तथा यातायात थानों के अधिकारी-कर्मचारियों को रेडियम कॉलर वितरित किए। यातायात पुलिस की टीमें अब अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क और हाईवे पर बैठे या घूमते हुए मवेशियों को चिन्हित करेंगी। इसके बाद उनके गले में रेडियम कॉलर पहनाए जाएंगे। अभियान की शुरुआत रायपुर शहर के आउटर इलाकों और प्रमुख हाईवे मार्गों से कर दी गई है।
रात में दूर से नजर आएंगे मवेशी
रेडियम कॉलर की खासियत यह है कि वाहन की हेडलाइट पड़ने पर यह चमकने लगता है। सामान्य तौर पर रात के अंधेरे में सड़क पर बैठे मवेशी वाहन चालकों को काफी देर से दिखाई देते हैं। कई बार चालक को मवेशी नजर आने तक वाहन काफी नजदीक पहुंच चुका होता है, जिससे अचानक ब्रेक लगाने या वाहन को दूसरी दिशा में मोड़ने के दौरान दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। रेडियम कॉलर लगाए जाने के बाद हेडलाइट की रोशनी में मवेशी दूर से ही दिखाई देने लगेंगे। इससे वाहन चालक समय रहते अपनी गति कम कर सकेंगे और सुरक्षित दूरी बनाकर वाहन निकाल सकेंगे। यातायात पुलिस का मानना है कि इस पहल से खासकर रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
आउटर और हाईवे पर विशेष फोकस
रायपुर के आउटर इलाकों और हाईवे मार्गों पर रात के समय मवेशियों के सड़क पर आने की समस्या अधिक देखने को मिलती है। इन मार्गों पर वाहनों की रफ्तार भी अपेक्षाकृत अधिक रहती है। ऐसे में सड़क पर अचानक मवेशी आने से हादसे की आशंका बनी रहती है। यातायात पुलिस की हाईवे पेट्रोलिंग और संबंधित यातायात थानों की टीमें ऐसे स्थानों को चिन्हित कर अभियान को लगातार आगे बढ़ाएंगी। उपलब्ध 1000 रेडियम कॉलर को जरूरत के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में मवेशियों को पहनाया जाएगा। पुलिस के अनुसार यह अभियान केवल वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए नहीं है, बल्कि गौवंश की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। सड़क पर दुर्घटना होने की स्थिति में वाहन चालक के साथ मवेशी भी गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं या उनकी मौत हो सकती है। ऐसे में रेडियम कॉलर के माध्यम से दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
पशु मालिकों से भी अपील
यातायात पुलिस ने पशु मालिकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों को खुले में सड़कों पर न छोड़ें। विशेषकर रात के समय मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए, ताकि वे मुख्य मार्गों और हाईवे तक न पहुंचें। पुलिस ने कहा कि केवल रेडियम कॉलर लगाने से समस्या का पूरी तरह समाधान नहीं होगा, बल्कि पशु मालिकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है। वहीं वाहन चालकों से भी आउटर और हाईवे मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, रात के समय सड़क पर पर्याप्त सतर्कता बरतने और मवेशी दिखाई देने पर अचानक तेज गति से आगे बढ़ने के बजाय वाहन की गति नियंत्रित करने की सलाह दी गई है। कार्यक्रम में एसीपी सुरेंद्र साय पैकरा, रमेश येरेवार, सतीश ठाकुर, थाना प्रभारी यातायात तेलीबांधा विशाल कुजूर सहित यातायात पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी और छत्तीसगढ़ सीसीटीवी संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। यातायात पुलिस और छत्तीसगढ़ सीसीटीवी संगठन की यह संयुक्त पहल सड़क सुरक्षा के साथ-साथ पशु सुरक्षा की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में अभियान के तहत और अधिक मवेशियों को चिन्हित कर रेडियम कॉलर पहनाए जाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
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