छत्तीसगढ़
रबी फसल वर्ष 2025-26: बीज उत्पादन कार्यक्रम तय, जिले को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कृषि विभाग की पहल
Shantanu Roy
22 Dec 2025 6:27 PM IST

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Mahasamund. महासमुंद। महासमुंद जिला में आगामी रबी फसल वर्ष 2026-27 के लिए किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के उद्देश्य से रबी फसल वर्ष 2025-26 के लिए विस्तृत बीज उत्पादन कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत 10 वर्ष के अंदर और 10 वर्ष के बाहर की उन्नत किस्मों के बीज उत्पादन हेतु लक्ष्य तय किए गए हैं। उप संचालक कृषि ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में गेहूं, सरसों, मूंगफली, मूंग एवं अलसी जैसी प्रमुख रबी फसलों के बीज उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिल सकेंगे, बल्कि जिले की बाहरी बीजों पर निर्भरता भी कम होगी।
10 वर्ष के बाहर की किस्मों के लिए बीज उत्पादन लक्ष्य
जिले के बीज प्रक्रिया केन्द्र लभरा खुर्द तथा विकासखंड महासमुंद और बागबाहरा में 10 वर्ष से अधिक पुरानी किस्मों के अंतर्गत सरसों फसल का 15.00 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार बीज प्रक्रिया केन्द्र बसना एवं विकासखंड बसना और पिथौरा क्षेत्र में 10 वर्ष के बाहर की किस्मों के अंतर्गत गेहूं, सरसों और मूंगफली का प्रत्येक 25.00 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज उत्पादन किया जाएगा। वहीं बीज प्रक्रिया केन्द्र सरायपाली एवं विकासखंड सरायपाली क्षेत्र में सरसों का 20.00 हेक्टेयर तथा मूंगफली का 50.00 हेक्टेयर क्षेत्र बीज उत्पादन के लिए तय किया गया है।
10 वर्ष के अंदर की किस्मों पर विशेष फोकस
कृषि विभाग द्वारा 10 वर्ष के अंदर की उन्नत किस्मों के बीज उत्पादन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत बीज प्रक्रिया केन्द्र लभरा खुर्द एवं विकासखंड महासमुंद और बागबाहरा क्षेत्र में गेहूं का 45.00 हेक्टेयर तथा सरसों का 15.00 हेक्टेयर क्षेत्र चयनित किया गया है। बीज प्रक्रिया केन्द्र बसना एवं विकासखंड बसना और पिथौरा क्षेत्र में गेहूं का 15.00 हेक्टेयर और अलसी का 5.00 हेक्टेयर क्षेत्र बीज उत्पादन हेतु निर्धारित किया गया है। इसी तरह बीज प्रक्रिया केन्द्र सरायपाली एवं विकासखंड सरायपाली क्षेत्र में गेहूं का सर्वाधिक 100.00 हेक्टेयर तथा मूंग का 20.00 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों के लिए सुनहरा अवसर
कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि जो किसान अनाज, दलहन और तिलहन फसलों के बीज उत्पादन कार्यक्रम में भाग लेना चाहते हैं, वे इस अवसर का लाभ उठाएं। इच्छुक किसान संबंधित बीज प्रक्रिया केन्द्र, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। यहां से वे बीज प्राप्त करने के साथ-साथ पंजीयन एवं आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी भी हासिल कर सकते हैं। कृषि अधिकारियों का कहना है कि बीज उत्पादन कार्यक्रम से किसानों की आय में वृद्धि होगी और जिले में कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा। साथ ही, स्थानीय स्तर पर उत्पादित बीजों की उपलब्धता से खेती की लागत भी कम होगी। कुल मिलाकर, रबी फसल वर्ष 2025-26 के लिए तैयार किया गया यह बीज उत्पादन कार्यक्रम महासमुंद जिले को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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