छत्तीसगढ़
PWD सचिव की सख्ती, ठेकेदारों के अटके बिलों का होगा निराकरण, पुराने टेंडरों की भी समीक्षा
Shubhra Nandy
4 Nov 2026 9:51 AM IST

x
समीक्षा
रायपुर : छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग में लंबित निर्माण कार्यों, ठेकेदारों के बकाया बिलों और पुराने टेंडरों को लेकर विभागीय स्तर पर समीक्षा तेज हो गई है। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्च अधिकारियों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय कार्यों में अनावश्यक देरी को दूर किया जाए और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मंगलवार, 3 नवंबर को आयोजित बैठक में सचिव ने विभिन्न निर्माण कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में आने वाली कमियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ना होगा। प्रत्येक कार्य में जवाबदेही, तार्किक दृष्टिकोण और बेहतर समन्वय जरूरी है।
ठेकेदारों के लंबित बिलों पर विशेष ध्यान
समीक्षा बैठक का महत्वपूर्ण विषय ठेकेदारों के लंबित भुगतान का निराकरण रहा। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित बिलों का परीक्षण किया जाए और पात्रता के अनुसार भुगतान संबंधी प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि जिन निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति पूरी हो चुकी है, उनकी वित्तीय स्थिति की भी समीक्षा होनी चाहिए। ऐसे कार्यों में भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। सचिव ने स्पष्ट किया कि लंबित प्रकरणों को लगातार आगे बढ़ाने के बजाय उनकी व्यवस्थित सूची तैयार की जाए। इसके बाद प्रत्येक प्रकरण के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। इस निर्देश का उद्देश्य निर्माण कार्यों की प्रगति और उनसे जुड़े वित्तीय मामलों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। हालांकि विभाग ने बैठक में लंबित बिलों की कुल राशि या प्रकरणों की संख्या सार्वजनिक नहीं की है।
31 मार्च 2026 से पहले के टेंडरों की होगी समीक्षा
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने पुराने टेंडरों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि 31 मार्च 2026 से पहले जारी टेंडरों से जुड़े कार्यों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाए। इन कार्यों की सूची तैयार कर यह स्पष्ट किया जाए कि कौन-से काम पूरे हो चुके हैं, किनकी प्रगति जारी है और किन प्रकरणों में निर्णय लंबित है। सचिव ने निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए। इसके लिए भौतिक प्रगति और वित्तीय भुगतान का समन्वित आकलन जरूरी है। पुराने टेंडरों की समीक्षा से उन कार्यों की पहचान करने में मदद मिल सकती है, जिनमें प्रशासनिक, तकनीकी या वित्तीय कारणों से देरी हो रही है।
निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं
बैठक में निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया। सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि शासकीय राशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्माण कार्यों का गंभीरता से परीक्षण करने के निर्देश दिए। जहां आवश्यक हो, वहां सप्लीमेंट्री और रिवाइज्ड कार्यों का औचित्य के आधार पर परीक्षण कर निर्णय लिया जाए। इसका अर्थ है कि अतिरिक्त या संशोधित कार्यों से संबंधित प्रस्तावों की आवश्यकता और उपयोगिता की जांच के बाद ही उन पर निर्णय किया जाना चाहिए। सचिव ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक कार्य के लिए निर्धारित समय-सीमा होनी चाहिए और उसकी प्रगति की निगरानी संबंधित अधिकारी स्वयं करें।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को भी प्राथमिकता
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में केवल निर्माण कार्यों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि जनसमस्याओं से जुड़े लंबित प्रकरणों का भी विषय उठाया गया। सचिव ने सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी से संबंधित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ समस्याओं का समाधान करना चाहिए। इससे विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की प्रभावशीलता बढ़ सकती है।
सब इंजीनियरों को मिलेगा एक सप्ताह का प्रशिक्षण
विभागीय कार्यों की गुणवत्ता और बेहतर क्रियान्वयन के लिए फील्ड स्तर पर तकनीकी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। सचिव ने सब इंजीनियरों के लिए कम से कम एक सप्ताह की प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से फील्ड स्तर के अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों को कार्यों की निगरानी, गुणवत्ता परीक्षण तथा विभागीय प्रक्रियाओं के बेहतर संचालन में सहायता मिल सकती है। सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए भी कहा।
जवाबदेही और टीमवर्क से काम में तेजी लाने का लक्ष्य
समीक्षा बैठक में सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए एक निर्धारित कार्यढांचे के अनुसार काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को टीम भावना, जिम्मेदारी और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि महत्वपूर्ण और अधिक प्राथमिकता वाले कार्यों को पहले पूरा किया जाए। विभाग के व्यापक उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक स्तर पर आपसी समन्वय बढ़ाया जाना चाहिए।
Next Story





