छत्तीसगढ़

रायपुर केंद्रीय जेल में कैदियों ने मनाया गणेश उत्सव

Shantanu Roy
27 Aug 2025 8:07 PM IST
रायपुर केंद्रीय जेल में कैदियों ने मनाया गणेश उत्सव
x
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित केन्द्रीय जेल में इस वर्ष भी गणेश उत्सव बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। जेल परिसर में हुए इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि यहां बंदियों ने स्वयं पर्यावरण के अनुकूल मिट्टी से भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का निर्माण किया और उसकी स्थापना कर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। छह बंदियों की विशेष भूमिका प्रतिमा निर्माण में रही। उन्होंने मिलकर मिट्टी से प्रतिमा तैयार की, सजावट की और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया। आयोजन के दौरान पूरे जेल परिसर को रंग-बिरंगी सजावट और दीपों से सजाया गया।

प्रतिमा स्थापना के उपरांत विधिवत पूजा-पाठ, आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इस दौरान कैदियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और भक्ति गीतों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। गणपति बप्पा की महिमा का गुणगान करते हुए कैदियों ने भक्ति और समर्पण की मिसाल पेश की। जेल के अधिकारी और कर्मचारी भी इस अवसर पर मौजूद रहे और कैदियों की इस पहल की सराहना की। जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बंदियों के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। इन अवसरों से कैदियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे जीवन को एक नई दिशा देने के लिए प्रेरित होते हैं। उन्होंने कहा कि भक्ति और आध्यात्मिकता का जुड़ाव व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाता है और सामाजिक समरसता की भावना को बढ़ावा देता है।

गणेश उत्सव के दौरान कैदियों ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का विशेष संदेश भी दिया। उन्होंने प्रतिमा के लिए केवल प्राकृतिक मिट्टी का इस्तेमाल किया और प्लास्टर ऑफ पेरिस व अन्य हानिकारक रसायनों से बनी मूर्तियों से दूरी बनाई। इसके साथ ही यह निर्णय लिया गया कि प्रतिमा का विसर्जन जेल परिसर के भीतर बने विशेष कुंड में किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार का प्रदूषण न फैले और प्रकृति को नुकसान न पहुंचे। बंदियों की इस पहल ने यह संदेश दिया कि भले ही वे जेल की चारदीवारी के भीतर हैं, लेकिन समाज और
पर्यावरण
की जिम्मेदारी उनके दिलों में अब भी जीवित है। गणेश उत्सव ने उनमें आत्मिक शांति और एकजुटता की भावना को मजबूत किया। कुल मिलाकर, रायपुर केंद्रीय जेल का यह आयोजन इस बात का उदाहरण है कि आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक परंपराएं हर परिस्थिति में जीवन को नई राह दिखा सकती हैं। कैदियों की भागीदारी ने न केवल उनके अंदर छिपी प्रतिभा को उजागर किया, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का रास्ता भी प्रशस्त किया।
Tagsरायपुर केंद्रीय जेलRaipur Central Jailगणेश उत्सवGanesh Utsavमिट्टी की प्रतिमाClay Idolपर्यावरण संरक्षणEnvironment ProtectionकैदीPrisonersपूजा-अर्चनाWorshipसांस्कृतिक कार्यक्रमCultural Programआत्मविश्वासConfidenceसामाजिक समरसताSocial Harmonyयोगेश सिंह क्षत्रीYogesh Singh Kshatriजेल आयोजनJail Celebrationगणपति विसर्जनGanpati Visarjanछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवchhattisgarh news hindichhattisgarh newschhattisgarh latest newschhattisgarh news updatechhattisgarh hindi news todaychhattisgarh hindinews hindi news chhattisgarhchhattisgarh hindi newschhattisgarh news liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story