छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में 300 से ज्यादा शिक्षकों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी; DPI ने 24 जिलों के DEO को भेजा पत्र
Shubhra Nandy
19 Oct 2026 11:54 AM IST

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15 दिन का अल्टीमेटम
रायपुर : छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों और कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सख्त रुख अपनाया है। सामने आई विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 300 से अधिक शिक्षक और कर्मचारी अनुपस्थिति तथा ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं करने से संबंधित मामलों में जांच के दायरे में हैं। डीपीआई द्वारा 24 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करने और आवश्यक दस्तावेज 15 दिनों के भीतर संचालनालय को भेजने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट में रायगढ़, कांकेर, बिलासपुर, रायपुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर सहित कई जिलों से मामले सामने आए हैं। इनमें लंबे समय से अनुपस्थिति के अलावा मोबाइल फोन, तकनीकी दिक्कतों और विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) ऐप पर पंजीयन नहीं होने से जुड़े प्रकरण भी शामिल हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं होने के सभी मामलों का अर्थ शिक्षक का वास्तव में स्कूल से गायब होना नहीं है। कुछ प्रकरणों में तकनीकी समस्याएं और स्वीकृत अथवा लंबित अवकाश से संबंधित कारण भी बताए गए हैं।
24 जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र, 15 दिन में मांगे दस्तावेज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोक शिक्षण संचालनालय ने संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति से जुड़े मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारियों को आरोप पत्र, आरोपों का विवरण, संबंधित अभिलेखों की सूची और साक्ष्य सूची तैयार कर संचालनालय को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इसके लिए 15 दिनों की समय-सीमा तय किए जाने की बात सामने आई है। यह प्रक्रिया संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ संभावित विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी का हिस्सा है। आरोप पत्र जारी किए जाने का अर्थ तत्काल सेवा समाप्ति या दोष सिद्ध होना नहीं है।
रायगढ़ में सबसे ज्यादा 48 मामले
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, रायगढ़ जिले में सबसे ज्यादा 48 शिक्षकों और कर्मचारियों के मामले सामने आए हैं। इसके बाद कांकेर में 41 और बिलासपुर में 33 प्रकरण दर्ज होने की जानकारी दी गई है। सूरजपुर और कोरिया में 17-17, बलौदाबाजार में 16, रायपुर तथा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 15-15 मामले बताए गए हैं। इसके अलावा राजनांदगांव में 13, महासमुंद में 12 और बालोद तथा बस्तर में 11-11 प्रकरण सामने आए हैं। बीजापुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और सुकमा में 10-10 मामलों का उल्लेख किया गया है। ये आंकड़े ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा और संबंधित विभागीय रिपोर्ट से जुड़े बताए गए हैं। इन्हें बिना जांच पूरी हुए अनधिकृत अनुपस्थिति के प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
177 शिक्षक और 99 गैर-शैक्षणिक कर्मचारी शामिल
रिपोर्ट में प्रभावित कर्मचारियों की अलग-अलग श्रेणियों का भी उल्लेख किया गया है। 177 शिक्षक, 99 गैर-शैक्षणिक कर्मचारी और 44 प्रधान पाठक शामिल है। उपलब्ध रिपोर्ट में दिए गए श्रेणीवार आंकड़े; मूल विभागीय सूची से स्वतंत्र पुष्टि शेष है। इन तीन श्रेणियों में कुल 320 कर्मचारी होते हैं। इसके अलावा अन्य श्रेणी के लोकसेवकों का भी उल्लेख है। इससे स्पष्ट है कि मामला केवल नियमित शिक्षकों तक सीमित नहीं है। स्कूल शिक्षा विभाग के विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारी भी ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा के दायरे में हैं।
182 मामले अनुपस्थिति और अवकाश से जुड़े
रिपोर्ट के अनुसार, 182 मामले शाला से अनुपस्थिति, अनधिकृत अवकाश और छुट्टी से संबंधित हैं। इनमें लंबे समय से स्कूल नहीं आने, मेडिकल लीव और असाधारण अवकाश जैसे प्रकरण शामिल बताए गए हैं। ऐसे मामलों में यह जांचना जरूरी होगा कि संबंधित कर्मचारी वास्तव में बिना अनुमति अनुपस्थित था या उसकी छुट्टी से संबंधित दस्तावेज विभाग के पास लंबित थे। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई उचित है।
90 कर्मचारियों ने बताईं मोबाइल और तकनीकी समस्याएं
ऑनलाइन उपस्थिति नहीं दर्ज होने के पीछे तकनीकी दिक्कतें भी एक महत्वपूर्ण कारण बनकर सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 90 प्रकरण मोबाइल फोन या तकनीकी समस्याओं से जुड़े हुए हैं। कुछ कर्मचारियों के पास स्मार्टफोन नहीं है और वे सामान्य कीपैड फोन का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, कुछ कर्मचारियों ने आईफोन में वीएसके ऐप इंस्टॉल नहीं होने की समस्या बताई है। इसके अलावा पुराने एंड्रॉयड वर्जन, मोबाइल खराब होने और फोन गुम होने जैसी परेशानियों का भी उल्लेख किया गया है। इन समस्याओं के कारण ऑनलाइन उपस्थिति प्रभावित होने की बात कर्मचारियों ने बताई है।
19 मामलों में पंजीयन नहीं कराने की शिकायत
रिपोर्ट में 19 ऐसे मामलों की जानकारी भी सामने आई है, जिनमें निर्देश मिलने के बावजूद वीएसके ऐप पर पंजीयन नहीं कराने या ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही के आरोप हैं। विभाग द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू किए जाने के बाद कर्मचारियों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हाजिरी दर्ज करने की अपेक्षा की गई है। जिन कर्मचारियों ने पंजीयन नहीं कराया, उनके मामलों में कारणों की जांच और आवश्यक स्पष्टीकरण लिया जाना महत्वपूर्ण होगा।
VSK ऐप पर ऑनलाइन हाजिरी को लेकर पहले भी सख्ती
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में विद्या समीक्षा केंद्र ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य स्कूलों में कर्मचारियों की उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और निगरानी प्रणाली को मजबूत बनाना है। 8 अक्टूबर को जारी निर्देशों से संबंधित प्रकाशित रिपोर्टों में भी डीपीआई द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों से ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं करने वाले कर्मचारियों के कारण और जानकारी मांगे जाने की पुष्टि हुई थी। रायगढ़ में 5 अक्टूबर की ऑनलाइन उपस्थिति रिपोर्ट के आधार पर 1,034 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस देने संबंधी निर्देश भी सामने आ चुके हैं।
जवाब और दस्तावेजों के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारियों से दस्तावेज मंगाए जाने के बाद संबंधित मामलों में कर्मचारी के स्पष्टीकरण और उपलब्ध रिकॉर्ड की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। जहां वास्तविक अनधिकृत अनुपस्थिति या निर्देशों की जानबूझकर अवहेलना प्रमाणित होती है, वहां सेवा नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, जिन मामलों में तकनीकी समस्या या स्वीकृत अवकाश से संबंधित उचित दस्तावेज मिलते हैं, उन्हें अलग से जांचना आवश्यक होगा। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार, डीपीआई ने संबंधित प्रकरणों में 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र और जरूरी अभिलेख भेजने के निर्देश दिए हैं। इन विशेष निर्देशों वाले मूल पत्र की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
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