छत्तीसगढ़

बिलासपुर के रतनपुर थाना को मॉडल बनाने की तैयारी

Shantanu Roy
13 Aug 2026 6:47 PM IST
बिलासपुर के रतनपुर थाना को मॉडल बनाने की तैयारी
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Bilaspur बिलासपुर। प्रदेश में पुलिसिंग व्यवस्था को और बेहतर, आधुनिक और जवाबदेह बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ पुलिस लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने अपने गोद लिए गए बिलासपुर जिले के रतनपुर थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने की कार्यप्रणाली, डिजिटल पुलिसिंग, बीट व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों की रिपोर्टिंग व्यवस्था की समीक्षा की। थाने में तकनीक के बेहतर उपयोग और गांव स्तर तक पुलिस की सक्रियता देखकर डीजीपी प्रभावित नजर आए।
प्रदेश सरकार और पुलिस मुख्यालय की पहल के तहत वरिष्ठ IPS अधिकारियों को अलग-अलग थानों को गोद लेकर वहां की व्यवस्थाओं को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी क्रम में DGP अरुण देव गौतम ने रतनपुर थाने को गोद लिया है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने को मॉडल थाना बनाने की दिशा में जरूरी सुधारों पर चर्चा की।
डीजीपी अरुण देव गौतम बिलासपुर पहुंचने के बाद सबसे पहले रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। इसके बाद शाम करीब 5.20 बजे वे आईजी और एसएसपी के साथ रतनपुर थाना पहुंचे। थाना परिसर में पहुंचकर उन्होंने पौधरोपण किया और इसके बाद थाने के अलग-अलग विभागों का निरीक्षण शुरू किया।
निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने थाने के रिकॉर्ड, मालखाना, रोज नामचा और विभिन्न रजिस्टरों की जांच की। उन्होंने थाना प्रभारी निलेश पांडेय से थाने में दर्ज अपराधों, लंबित मामलों और जांच प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंभीर अपराधों की जांच में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और मामलों का जल्द निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
डिजिटल पुलिसिंग पर जोर
DGP ने वर्तमान समय में पुलिसिंग में तकनीक के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों और विवेचकों को ई-एफआईआर, ई-साक्ष्य, ई-एफएसएल, ई-समन और ई-वारंट जैसी डिजिटल सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है। गंभीर अपराधों में फोरेंसिक जांच, घटनास्थल की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
गांवों की जानकारी देखकर हुए प्रभावित
निरीक्षण के दौरान डीजीपी ने रतनपुर थाने की बीट व्यवस्था की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने सभी बीट प्रभारियों को बुलाकर उनके क्षेत्र के गांवों, वहां के सरपंचों और स्थानीय परिस्थितियों से जुड़े सवाल पूछे। बीट प्रभारियों ने अपने क्षेत्रों की जानकारी साझा की। कई आरक्षकों ने गांवों से जुड़ी जानकारी सही तरीके से दी, जिससे डीजीपी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को अपने क्षेत्र के हर गांव की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। कुछ आरक्षकों के जवाब में कमी मिलने पर डीजीपी ने उन्हें संबंधित गांवों की पूरी जानकारी रखने और बीट व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीट पुलिसिंग मजबूत होने से अपराध नियंत्रण और जनता के साथ पुलिस का संपर्क बेहतर होता है।
संसाधनों के बेहतर उपयोग के निर्देश
DGP अरुण देव गौतम ने अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करने और आम लोगों को जल्द एवं बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि जनता के बीच भरोसेमंद बनाने के लिए जवाबदेही और संवेदनशीलता जरूरी है। उन्होंने थाना परिसर की व्यवस्थाओं, कर्मचारियों की कार्यशैली और आम जनता से जुड़े मामलों की भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान आईजी, एसएसपी सहित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। रतनपुर थाने के निरीक्षण के बाद अब इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल थाना बनाने की दिशा में काम तेज होने की उम्मीद है। डिजिटल पुलिसिंग, मजबूत बीट व्यवस्था और बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन के जरिए पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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