छत्तीसगढ़
अंबिकापुर में 40 नग सागौन के साथ जब्त पिकअप राजसात करने की तैयारी, दावा पेश करने के लिए 30 दिन का मौका
Shubhra Nandy
31 Oct 2026 7:31 AM IST

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वन विभाग ने जारी किया नोटिस
अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में अवैध सागौन चिरान परिवहन के एक पुराने मामले में वन विभाग ने जब्त पिकअप वाहन को राजसात करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। करीब तीन साल पहले वन विभाग ने बिना वैध दस्तावेजों के सागौन लकड़ी के कथित अवैध परिवहन के मामले में एक महिंद्रा पिकअप वाहन को जब्त किया था। अब विभाग ने वाहन पर स्वामित्व या अन्य वैध हित रखने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को अपना दावा प्रस्तुत करने के लिए सार्वजनिक सूचना जारी की है। नोटिस के अनुसार, संबंधित पक्ष प्रकाशन की तारीख से 30 दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
तीन साल पुराने वन अपराध मामले में बड़ी कार्रवाई
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला 3 मार्च 2023 का है। उस दिन सुबह करीब 9 बजकर 15 मिनट पर वन परिक्षेत्र अंबिकापुर के अंतर्गत परिक्षेत्र सहायक वृत्त अंबिकापुर में वन कर्मचारियों की टीम नियमित गश्त कर रही थी। इसी दौरान आरक्षित वन क्षेत्र क्रमांक आरएफ 2581, गाड़ाघाट मगरडोडा के पास एक सफेद रंग का महिंद्रा पिकअप वाहन पकड़ा गया। विभाग के अनुसार, वाहन में सागौन चिरान के 40 नग लदे हुए थे। इनकी कुल मात्रा 0.567 घनमीटर बताई गई है। जांच के दौरान संबंधित लकड़ी के परिवहन के लिए आवश्यक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर वन कर्मचारियों ने पिकअप वाहन को जब्त कर लिया।
जब्त वाहन का पंजीयन क्रमांक CG 13Y 2651 है। विभाग ने सागौन चिरान और वाहन को जब्त करते हुए भारतीय वन अधिनियम, 1927 तथा संबंधित वन एवं काष्ठ परिवहन नियमों के प्रावधानों के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया था। कार्रवाई के बाद जब्त वाहन को अंबिकापुर स्थित काष्ठागार डिपो में सुरक्षित रखा गया। मामले में वन परिक्षेत्राधिकारी अंबिकापुर ने 21 सितंबर 2023 को कार्यालयीन पत्र क्रमांक 2105 के माध्यम से जब्त वाहन और वनोपज को शासन के पक्ष में राजसात करने की अनुशंसा करते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। इसके बाद प्रकरण में राजसात की प्रक्रिया के अंतर्गत वाहन स्वामी को अपना पक्ष रखने और अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों के प्रतिपरीक्षण का अवसर देने के लिए कई बार सूचना पत्र भेजे गए।
वन विभाग के अनुसार, वाहन स्वामी को 12 जनवरी 2024, 14 मई 2024, 22 जुलाई 2024, 18 नवंबर 2024, 14 फरवरी 2025 और 26 मई 2025 को कार्यालयीन पत्रों के माध्यम से उपस्थित होने की सूचना दी गई थी। विभाग का कहना है कि इन सूचना पत्रों की विधिवत प्राप्ति की अभिस्वीकृति भी उपलब्ध है। इसके बावजूद संबंधित वाहन स्वामी प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। निर्धारित अवसरों पर उपस्थित होकर पक्ष प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण विभाग ने अब सार्वजनिक इश्तहार के माध्यम से सूचना जारी करने का निर्णय लिया है।
पिकअप मालिक को अंतिम सूचना
वन विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, यदि जब्त पिकअप वाहन में किसी व्यक्ति या संस्था का स्वामित्व अथवा अन्य वैध हित निहित है, तो संबंधित पक्ष वाहन के स्वामित्व से जुड़े सभी वैध दस्तावेजों के साथ अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है। इसके लिए नोटिस के प्रकाशन की तारीख से 30 दिनों की अवधि निर्धारित की गई है। इस अवधि के भीतर संबंधित व्यक्ति या संस्था को कार्यालयीन दिवस और निर्धारित कार्यालयीन समय में प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा।
विभागीय सूचना में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर दावा प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में आगे की राजसात प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विभाग के अनुसार, समयसीमा समाप्त होने के बाद प्राप्त दावों को स्वीकार नहीं किया जाएगा और जब्त वाहन को शासन के पक्ष में राजसात करने की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की यह कार्रवाई अवैध वनोपज परिवहन से जुड़े मामले में की जा रही है। हालांकि, वर्तमान में वाहन के राजसात की प्रक्रिया अंतिम रूप से पूरी होने की जानकारी नहीं दी गई है। संबंधित पक्षों को अपना दावा और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया गया है।
इस मामले में वन विभाग की सार्वजनिक सूचना वाहन पर वैध अधिकार रखने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे संबंधित पक्षों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा, ताकि प्राधिकृत अधिकारी नियमानुसार मामले में आगे का निर्णय ले सकें।
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