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रेलमंत्री के स्वागत में बदल रही स्टेशन की तस्वीर
रायपुर : आरपीएफ राइजिंग डे और रेलमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले रेलवे स्टेशन को संवारने का काम तेजी से चल रहा है। स्टेशन के रंग-रोगन से लेकर मरम्मत, सफाई और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने तक कई काम किए जा रहे हैं। स्टेशन के नियमित मेंटेनेंस के लिए जहां सालाना करीब एक करोड़ रुपये का फंड बताया जा रहा है, वहीं इस बार स्टेशन को चमकाने और विभिन्न व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए करीब चार करोड़ रुपये के काम कराए जा रहे हैं।
रेलवे प्रशासन ने कार्यक्रम से पहले स्टेशन परिसर की तस्वीर बदलने के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी सौंपी है। प्लेटफॉर्म से लेकर मुख्य प्रवेश द्वार तक साफ-सफाई और मरम्मत का काम चल रहा है। दीवारों और अन्य हिस्सों पर रंग-रोगन किया जा रहा है। जहां टूट-फूट है, वहां मरम्मत कर व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। रेलमंत्री के प्रस्तावित दौरे के कारण काम की रफ्तार भी बढ़ा दी गई है। रेलवे के अधिकारी लगातार स्टेशन पर चल रहे कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। संबंधित एजेंसियों और कर्मचारियों को निर्धारित समय के भीतर सभी जरूरी काम पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। कोशिश है कि कार्यक्रम से पहले स्टेशन परिसर पूरी तरह व्यवस्थित नजर आए।
स्टेशन पर यात्रियों से जुड़ी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रतीक्षालय, प्लेटफॉर्म, संकेतक, लाइटिंग, पेयजल और सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के लिए काम किए जा रहे हैं। स्टेशन के उन हिस्सों को भी दुरुस्त किया जा रहा है, जहां लंबे समय से मरम्मत की जरूरत महसूस की जा रही थी।
इस बीच खर्च को लेकर भी चर्चा है। स्टेशन के नियमित रखरखाव के लिए सालाना करीब एक करोड़ रुपये का मेंटेनेंस फंड होने की बात सामने आई है। इसके मुकाबले आरपीएफ राइजिंग डे और रेलमंत्री के दौरे से पहले करीब चार करोड़ रुपये के काम कराए जाने से सवाल उठ रहे हैं कि नियमित रखरखाव और विशेष तैयारियों पर खर्च होने वाली राशि में इतना अंतर क्यों है। आरपीएफ राइजिंग डे को लेकर रेलवे सुरक्षा बल भी अपनी तैयारियों में जुटा है। कार्यक्रम में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य अतिथियों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जा रही है।
रेलवे प्रशासन का फोकस केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है। स्टेशन परिसर में आवश्यक मरम्मत और यात्री सुविधाओं से संबंधित कार्य भी किए जा रहे हैं। अधिकारियों की निगरानी में काम तेजी से पूरा किया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था सामने न आए। रेलमंत्री के दौरे और आरपीएफ राइजिंग डे से पहले चल रहे इन कार्यों के पूरा होने पर स्टेशन का स्वरूप बदला हुआ नजर आएगा। हालांकि सालाना एक करोड़ रुपये के मेंटेनेंस फंड के मुकाबले चार करोड़ रुपये के विशेष कार्यों को लेकर खर्च और रखरखाव की व्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
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