छत्तीसगढ़

सूचना पर भी वीकेंड पार्टियां रोकने पुलिस नहीं दिखा रही तत्परता...

Admin2
28 Feb 2021 5:44 AM GMT
सूचना पर भी वीकेंड पार्टियां रोकने पुलिस नहीं दिखा रही तत्परता...
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नाइट पार्टियों में खुलेआम परोसे जा रहे शराब

पुलिस तब तक संज्ञान नहीं लेती...

< पार्टी में जब तक विवाद ना हो, मारपीट ना हो किसी का खून ना निकले

< मामले में जब तक शिकायत दर्ज ना हो।

< शराब व अन्य नशे का सामान जब तक ना मिले

< जब तक गोली ना चले कोई लहूलुहान ना हो जाए

< ड्रग्स लेकर डांस करने वाली लड़कियों को बार बाला मानने से पुलिस का इनकार

< पुलिस के छोटे अधिकारी तो यह भी कहते है कि खून नहीं निकला तो जुर्म कैसा ?

जसेरि रिपोर्टर

रायपुर। राजधानी में शराब की वीकेंड पार्टी एक बार फिर गुले-गुलज़ार हो गई। शहर भर के बड़े होटलों में अवैध रूप से शराब परोसा जा रहा है, जिसकी जानकारी पुलिस को भी होती है मगर इस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है। वीकेंड पार्टियों में शराब, ड्रग्स, म्यूजिक, नाच-गाना का कॉकटेल होता है। ये पार्टियां बड़े गुपचुप तरीके से आयोजित की जाती हैं और इसमें वे ही लोग शरीक होते हैं, जिन्हे बुलाया जाता है। और इस तरह की पार्टी में कपल की और बैचलरों की एंट्री फीस ली जाती है।

शराब की वीकेंड पार्टी के बारे में वे बाहर के लोगों को जरा भी भनक नहीं लगने देते। रायपुर में इसे ट्रांस के नाम से जानते है जहां पूरी रात संगीत चलता है। शहर भर में वीकेंड पार्टियां पूरे छत्तीसगढ़ के पर्यटकों में मशहूर हैं। युवाओं में अब जिस वीकेंड पार्टी का चलन शुरू किया है वहां संगीत सिर्फ कहने के लिए होता है। उस संगीत की धुन में युवा न सिर्फ शराब पीते हैं बल्कि नशीले पदार्थ भी लेते नजर आते हैं। शाम होती है तो शहर के युवा एक कमरे में इक_े होते है और फिर शुरू होता है संगीत। युवक-युवतियां सिगरेट-शराब के साथ-साथ कोकीन, हेरोइन और तेज असर वाले मादक पदार्थों का सेवन करते नजर आते हैं, और नशे में झूमते हुए।

वीकेंड पार्टी का मिलता ऑफर

राजधानी के बड़े होटलों में इस तरह की पार्टियों का आर्गेनाइज चलन बढ़ गया है, जिसमें कई तरह की ऑफर भी दिए जा रहे है। जिसमें खासकर युवतियों को ऑफर दिया जाता है कि दो सहेलियों के साथ चार लोगों को फ्री इंट्री और युवकों को आफर दिया जाता है कि एक के साथ एक फ्री। नशा शराब में होता तो नाचती बोतल किंतु बोतल नाचे या नहीं, ड्रिंक तो करना है। पर ड्रिंक भी छोटे-मोटों का काम है, वाकई में स्वर्ग चाहिए तो अफीम, ब्राउन शुगर, विक्स जैसे बड़े नशीले पदार्थ स्वर्ग तो दिखा देते हैं और नर्क भी। जब इनकी आदत लत में तब्दील होने लगती है तो घर-परिवार वाले परेशान हो जाते हैं। किसी तरह इसका नशेड़़ीपन छूट जाए की चिंता सताए रहती है। अस्पताल में बॉटलों पर बॉटलें चढऩे लगती हैं और एक समय ऐसा आता है, जब शरीर के पिंजरे से आत्मारूपी पंछी स्वतंत्र हो जाता है। इस बीच में नशेड़ी युवा, किशोर या युवती खुद परेशानी झेलते हैं तो ज्यादा परेशानी घर वालों को होती है। फिर भी नशे या मादक पदार्थों में पता नहीं क्या आधुनिकता देखती है युवा पीढ़ी।

नशा ना करना युवाओं के लिए बेकवर्ड

नशा न करना आज के दौर में मॉडर्न युवा पीढ़ी की नजरों में बैकवर्ड समझा जाता है। जो पार्टी-शार्टी या क्लब या ब्याह-शादी, बर्थडे वगैरह में ड्रिंक नहीं लेता वह पिछड़ी सोच का व्यक्ति होता है। कभी ऐसा भी होता है कि इस तरह के आयोजनों में यदि कोई लड़की या महिला शामिल होकर आउट हो जाए यानी ज्यादा ड्रिंक कर ले तो काफी छिछालेदरी हो जाती है। ऐसे मौके पर नशाखोरी को प्रेस्टिज का प्वॉइंट बनाने वाले खुद अपने साथ कितना बड़ा धोखा करते हैं। युवा पीढ़ी पर नशीले पदार्थों की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है। युवतियों में भी ड्रग्स स्टेटस सिंबल बन जाने से इस बुराई की समाप्ति और भी मुश्किल होती जा रही है। स्कूल-कॉलेज भी नशे से अछूते नहीं रहे।

वीकेंड पार्टी में नशे की आमद

शनिवार और रविवार को युवा पीढ़ी वीआईपी रोड स्थित सभी होटलों और बार, रेस्टोरेंटो कैफे, और हुक्काबारों को बुक कर चुकी है। आज के समय में युवा पीढ़ी नशे में लिप्त होती जा रही हैं। युवा पीढ़ी अपने भविष्य के साथ खुद खिलवाड़ कर रहे हैं। राजधानी में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है, वही देर रात बड़े होटलों में हुक्का से लेकर चरस, अफीम के साथ तमाम तरह की नशे की सामग्री परोसी जा रही है। राजधानी के युवक-युवतियां पूरी तरह नशे की आगोश में समा गए हैं। कोई रोकने-टोकने वाला नहीं है। इस तरह के नए फार्मूेले वाले ऑफरों का खेल राजधानी के वीआईपी और नामचीन होटलों में शुरू हो गया है, वीकेंड पर होने वाले शराब-शबाब पार्टी के लिए फ्राइडे से सटरडे की शाम तक सोशल मीडिया पर एक मेसेस लगातार चलता है, जिसमें जश्न ए पार्टी के लिए युवक-युवतियां अपने फ्रेंड और न्यूकमर्स को सोशल मीडिया में मेसेस भेजकर इनवाइट करते है। जिसे पढ़कर कोई भी युवक-युवतियां अपने आप को रोक नहीं पाते है।

वीकेंड पार्टियों की होती एडवांस बुकिंग

आकर्षक पैकेज और डिस्काउंट का प्रलोभन देकर आयोजकों इवेंट मैनेजरों ने कई ऐसे नामचीन होटल, रेस्टोरेंट, बार, हुक्काबार, डांस क्लब, पब इन सभी जगहों पर वीकेंड पार्टी और ड्रग्स की पार्टी करने के लिए एडवांस बुकिंग कर दी है। और शनिवार की रात वीआईपी रोड से लेकर शहर भर के बड़े होटलों में शराब की पार्टी की गई है। शराब, सिगरेट के अलावा प्रतिबंधित ड्रग्स का भी धड़ल्ले से उपयोग किया गया है। वही दूसरी ओर युवा नशे की पार्टी का आज भी आयोजन कर रात तक नशे में डूबे रहेंगे युवा देश का भविष्य होते है मगर इस बात को आज का समाज भूल गया है। कहा जाता है कि तुरंत एनर्जी वाली ड्रिंक्स के साथ में नशीले पदार्थो का सेवन करना युवक-युवतियों द्वारा आम बात है। यही नहीं, इन वीकेंड पार्टियों में धोखे से लड़कियों को डेट रेप ड्रग देकर उनके साथ गलत हरकतों को भी अंजाम दे दिया जाता है, जि?सके बाद अश्लील एमएमएस बनाकर बाजार में बेचना तथा उसके द्वारा ब्लेकमेल करना भी इस तरह पार्टियों के साइड इफेक्ट हैं।

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