छत्तीसगढ़
हत्या जांच में युवकों को पुलिस ने अवैध हिरासत में लेकर की मारपीट
Shantanu Roy
23 Aug 2026 8:45 PM IST

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Rajnandgaon. राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में घुमका पुलिस पर दो युवकों से मारपीट और अवैध हिरासत में रखने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने दो युवकों को करीब 36 घंटे तक थाने में रखा और उनसे अपराध कबूल कराने के लिए कथित रूप से मारपीट की। पीड़ित परिवार ने चोट के निशान का वीडियो बनाकर पुलिस अधीक्षक को सौंपते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामला करीब एक साल पुराने बरबसपुर गांव में हुई बुजुर्ग महिला की हत्या से जुड़ा है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी और इसी दौरान मृतका के परिवार के कुछ सदस्यों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। अब पूछताछ के दौरान मारपीट के आरोप सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जानकारी के अनुसार 11 नवंबर 2025 को ग्राम बरबसपुर में 70 वर्षीय बिहासीन साहू की अधजली लाश उनके ही पैरावट में मिली थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि महिला की हत्या करने के बाद शव को जलाया गया था।
हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने मृतका के बेटे नेतराम साहू और पोते पवन साहू तथा प्रदीप साहू को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए बुलाया था। परिवार का आरोप है कि तीनों को 18 अगस्त 2026 की सुबह से 20 अगस्त 2026 की शाम तक घुमका थाने में रखा गया। नेतराम साहू ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि पूछताछ के दौरान उनके बेटों पवन साहू और प्रदीप साहू के साथ मारपीट की गई। शिकायत में दावा किया गया है कि करीब 10 से 12 पुलिसकर्मियों ने दोनों युवकों को लाठियों से पीटा और हत्या का अपराध स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया।
परिवार के अनुसार मारपीट के कारण दोनों युवकों के शरीर पर चोट के निशान आ गए। उनके कूल्हे में सूजन और लाल निशान दिखाई दे रहे हैं। परिजनों ने चोटों का वीडियो बनाकर एसपी को सौंपा है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान युवकों को न तो वकील से मिलने दिया गया और न ही परिजनों से संपर्क करने की अनुमति दी गई। इसके अलावा समय पर इलाज उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया गया है।
हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में जांच की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले के तथ्यों की जांच की जाएगी। यदि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही या नियमों के विरुद्ध कार्रवाई सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, हत्या मामले की जांच भी जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरबसपुर की बुजुर्ग महिला की हत्या के पीछे कौन जिम्मेदार है। पूछताछ के दौरान सामने आए आरोपों की भी अलग से जांच की जा रही है। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस हिरासत में पूछताछ की प्रक्रिया और मानवाधिकारों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर है।
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