छत्तीसगढ़

महादेव सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर को रायपुर लेकर पहुंची पुलिस

Shantanu Roy
3 Nov 2026 5:18 PM IST
महादेव सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर को रायपुर लेकर पहुंची पुलिस
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CBI कोर्ट में कल पेशी
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में बड़ी खबर सामने आई है। करीब 6000 करोड़ रुपये के कथित सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को लेकर दिल्ली से सीबीआई की टीम मंगलवार शाम रायपुर पहुंच गई है। उसे कुछ ही मिनट पहले शाम की फ्लाइट से रायपुर लाया गया। अब जल्द ही उसे रायपुर स्थित सीबीआई मामलों की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।



सौरभ चंद्राकर को हाल ही में ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। इसके बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई को उसकी दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की थी। अदालत ने चार नवंबर तक रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश करने का निर्देश दिया था। बताया जा रहा है कि सीबीआई अदालत से आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की मांग कर सकती है। जांच एजेंसी महादेव ऐप के संचालन, अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क, कथित हवाला लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। फिलहाल सौरभ चंद्राकर की रायपुर में अदालत के समक्ष पेशी होनी बाकी है। अब अदालत के फैसले और सीबीआई की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।


छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। करीब 6000 करोड़ रुपये के कथित अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की टीम उसे रायपुर लेकर पहुंची और विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया। कभी भिलाई की एक जूस की दुकान में करीब 15 हजार रुपये महीने की कमाई करने वाला सौरभ चंद्राकर आज देश के सबसे चर्चित ऑनलाइन सट्टेबाजी मामलों में जांच एजेंसियों के निशाने पर है।
सौरभ चंद्राकर की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं लगती। साधारण परिवार और सीमित आमदनी से शुरुआत करने वाले चंद्राकर के बारे में बताया जाता है कि वह अपने भाई की जूस की दुकान पर काम करता था। उस दौर में उसकी मासिक कमाई करीब 15 हजार रुपये थी। इसके बाद उसकी जिंदगी में ऐसा बदलाव आया कि कुछ ही वर्षों में उसका नाम अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़ गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि चंद्राकर ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर महादेव ऑनलाइन बुक के जरिए अवैध सट्टेबाजी का विशाल नेटवर्क तैयार किया।
महादेव ऐप के संचालन का तरीका भी काफी संगठित बताया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, ऐप के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों पर ऑनलाइन दांव लगवाए जाते थे। देशभर में अलग-अलग पैनल और शाखाओं के माध्यम से ग्राहकों को जोड़ा जाता था। सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को कई बैंक खातों में स्थानांतरित करने और हवाला के जरिए विदेश भेजने के आरोप भी सामने आए हैं। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों की जांच कर रहे हैं।


सौरभ चंद्राकर का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में तब आया, जब संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित उसकी आलीशान शादी की जानकारी सामने आई। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, फरवरी 2023 में हुई शादी और उससे जुड़े आयोजनों पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। इस समारोह में मेहमानों के आवागमन के लिए चार्टर्ड विमानों की व्यवस्था और भव्य कार्यक्रमों के आयोजन की बात सामने आई थी। जांच एजेंसी ने शादी में खर्च की गई रकम के स्रोत को भी अपनी जांच का हिस्सा बनाया।
इस बीच, महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया। कई राज्यों में छापेमारी हुई और सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध बैंक खातों, संपत्तियों तथा वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की गई। जांच एजेंसियों ने सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए। हालांकि, 6000 करोड़ रुपये का आंकड़ा कथित घोटाले के परिमाण से जुड़ा है, इसे चंद्राकर की व्यक्तिगत संपत्ति का प्रमाणित मूल्य नहीं माना जा सकता।


लंबे समय तक विदेश में रहने वाले चंद्राकर को आखिरकार ओमान में हिरासत में लिया गया। सीबीआई के मुताबिक, इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस और भारतीय एजेंसियों के प्रयासों के बाद ओमान के अधिकारियों के सहयोग से प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी हुई। एक नवंबर 2026 को विशेष सीबीआई टीम उसे भारत लेकर आई। इससे पहले उसके खिलाफ सीबीआई के दो मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके थे।
दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने दो नवंबर को सीबीआई को चंद्राकर की दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की थी। अदालत ने उसे चार नवंबर या उससे पहले रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश करने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने प्रत्यर्पण की शर्तों और सीबीआई मामले में अभियोजन को लेकर कानूनी आपत्तियां भी उठाईं। इन प्रश्नों पर संबंधित अदालत में आगे विचार किया जाना है।
अब जांच एजेंसियों की नजर चंद्राकर से होने वाली पूछताछ पर है। इससे सट्टेबाजी नेटवर्क के संचालन, आर्थिक लेन-देन, विदेशी संपर्कों और कथित संरक्षण से जुड़े पहलुओं की जानकारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इन सभी आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा। महादेव ऐप मामला ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए अवैध कमाई और उसके संभावित दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब रायपुर की अदालत में होने वाली कानूनी कार्यवाही और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें रहेंगी।
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