छत्तीसगढ़

पुलिस कमिश्नरी सिस्टम से मजबूत होगी कानून व्यवस्था, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था: राहुल देव शर्मा

Shantanu Roy
14 March 2026 8:18 PM IST
पुलिस कमिश्नरी सिस्टम से मजबूत होगी कानून व्यवस्था, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था: राहुल देव शर्मा
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लागू की गई नई पुलिस कमिश्नरी प्रणाली से शहर की कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रणाली के लागू होने से पुलिस प्रशासन की कार्यक्षमता में सुधार होगा और अपराध नियंत्रण के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा भी बेहतर होगी। अधिकारियों के अनुसार 23 जनवरी 2026 से रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम लागू किया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत पुलिस को अधिक अधिकार और संसाधन दिए गए हैं, जिससे शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अपराधों पर तेजी से नियंत्रण संभव हो सकेगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद अधिकारियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

पहले रायपुर में केवल एक आईपीएस रैंक का अधिकारी कार्यरत होता था, लेकिन अब यहाँ छह से अधिक आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही एडीसीपी और एसीपी रैंक के कई अधिकारी भी विभिन्न जोनों और विभागों में तैनात किए गए हैं। इससे पुलिस की मॉनिटरिंग क्षमता बढ़ेगी और कानून व्यवस्था को लागू करना पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होगा। अधिकारियों का कहना है कि राजधानी होने के कारण रायपुर में पुलिस के सामने कई तरह की चुनौतियाँ रहती हैं। यहाँ अपराध नियंत्रण, वीआईपी सुरक्षा, बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों की व्यवस्था और धरना-प्रदर्शनों को संभालना पुलिस के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में कमिश्नरी सिस्टम पुलिस को निर्णय लेने में अधिक स्वतंत्रता और तेजी प्रदान करेगा।

महिला और बाल सुरक्षा को पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल और कॉलेज के समय विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शहर के चिन्हित स्थानों पर ‘पिंक पेट्रोलिंग’ को बढ़ाया गया है। खासकर स्कूल और कॉलेज की छुट्टी के समय इन स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है, ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके और छात्राओं को सुरक्षित माहौल मिल सके। कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस को कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकार भी प्राप्त हुए हैं। पहले जिन मामलों की सुनवाई एसडीएम स्तर पर होती थी, अब वे मामले एसीपी, डीसीपी और पुलिस कमिश्नर स्तर पर ही सुने जा सकेंगे। इससे मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।

इसके अलावा पुलिस को जिला बदर और बाउंड ओवर जैसी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने का अधिकार भी दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति बाउंड ओवर की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो उसकी जमानत राशि जब्त की जा सकती है और उसे जेल भी भेजा जा सकता है। इस अधिकार के मिलने से अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखना और अपराध रोकने में पुलिस को मदद मिलेगी। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ट्रैफिक विभाग में भी अधिकारियों और जवानों की संख्या बढ़ाई गई है। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती से ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार होगा और शहर में जाम की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि वीआईपी ड्यूटी और बड़े आयोजनों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी अब अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। राजधानी होने के कारण रायपुर में अक्सर राजनीतिक कार्यक्रम, धरना-प्रदर्शन और बड़े सार्वजनिक आयोजन होते रहते हैं। ऐसे में कमिश्नरी सिस्टम के तहत पुलिस को बेहतर समन्वय और त्वरित निर्णय लेने की सुविधा मिलेगी। अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि राजधानी में पुलिस को हर समय नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कई बार एक ही समय में कई जिम्मेदारियों को निभाना पड़ता है, जिसमें अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा और जनसुरक्षा शामिल होती है। ऐसे में नई प्रणाली पुलिस के लिए एक मजबूत प्रशासनिक ढांचा प्रदान करेगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि कमिश्नरी सिस्टम लागू होने से रायपुर में पुलिसिंग में 360 डिग्री सुधार देखने को मिलेगा। इसका सकारात्मक असर हाल ही में हुए होली पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन में भी देखने को मिला, जहां पुलिस ने बेहतर समन्वय और निगरानी के जरिए पूरे शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में इस नई प्रणाली के माध्यम से रायपुर में अपराध नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और नागरिकों के प्रति पुलिस की जवाबदेही और अधिक मजबूत होगी। कमिश्नरी सिस्टम के जरिए पुलिस और जनता के बीच विश्वास भी बढ़ेगा और राजधानी में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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