छत्तीसगढ़

PMGSY की सड़कें जर्जर, ग्रामीणों ने घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल

Shantanu Roy
14 Dec 2025 10:27 PM IST
PMGSY की सड़कें जर्जर, ग्रामीणों ने घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल
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छग
Pendra. पेंड्रा। पेंड्रा जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी नई सड़कें कुछ ही महीनों में खराब होने लगी हैं। लालपुर दर्री से गुम्माटोला होते हुए करोदाटोला तक 10.45 किलोमीटर लंबी सड़क 277.87 लाख रुपये की लागत से बनाई गई थी, लेकिन निर्माण के महज चार माह बाद ही यह जगह-जगह उखड़कर गड्ढों में बदल गई है। इस स्थिति ने ग्रामीणों में नाराजगी और सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की आशंका पैदा कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ठेका कंपनी मे. दहगल बिल्डर्स ने केवल दिखावे के लिए डामरीकरण किया, जबकि बेस लेयर में उचित गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग नहीं किया गया। इसके चलते छोटे वाहन और ग्रामीण इस मार्ग से आवागमन करते समय कठिनाई का सामना कर रहे हैं। बारिश के मौसम के पहले ही सड़क जर्जर हो गई, जिससे आने वाले दिनों में यात्रा और भी जोखिमपूर्ण और असुविधाजनक होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क में आए दिन गड्ढे बनने लगे हैं और कुछ स्थानों पर वाहन को रोकने के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। इससे न केवल आमजन की सुरक्षा खतरे में है।


बल्कि आर्थिक रूप से भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीण जितेश मांझी ने कहा कि ठेकेदार केवल पैसे लेकर काम पूरा कर देता है, लेकिन गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देता। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारी अनंत दीक्षित ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि सड़क की जल्द ही जांच करवाई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि ठेकेदार दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विभाग भविष्य में इस तरह की लापरवाही रोकने के लिए ठेकेदारों की निगरानी और मानक नियमों को और सख्त करेगा। ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि दोषी ठेकेदारों को केवल जुर्माना देने के बजाय ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में सड़क निर्माण में गुणवत्ता और ईमानदारी सुनिश्चित की जा सके। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही से ग्रामीणों का समय, धन और सुरक्षा दोनों प्रभावित होते हैं। स्थानीय प्रशासन और पीएमजीएसवाई अधिकारी जल्द ही मौके का निरीक्षण करेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना को लेकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अगर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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