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Pendra. पेंड्रा। प्रधानमंत्री आवास योजना की बकाया किश्त जारी नहीं होने से एक हितग्राही परिवार को जर्जर मंगल भवन में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गुरुवार को इसी भवन की छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के समय एक वर्षीय बच्चा पास में खेल रहा था। परिवार के सदस्य ने समय रहते बच्चे को खींचकर दूर कर लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, हड़बड़ी के दौरान बच्चे को मामूली चोट आई है। पेंड्रा निवासी आकाश चौधरी का मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहा है। परिवार के अनुसार, योजना की बकाया किश्त जारी नहीं होने के कारण निर्माण कार्य बीच में ही रुक गया। अधूरा मकान रहने लायक नहीं होने और परिवार के पास कोई दूसरा सुरक्षित ठिकाना नहीं होने के कारण उन्हें स्थानीय मंगल भवन में शरण लेनी पड़ी। परिवार का कहना है कि जिस मंगल भवन में वे रह रहे हैं, उसकी हालत पहले से ही खराब है। भवन की दीवारों और छत में जगह-जगह जर्जर स्थिति दिखाई देती है। परिवार लंबे समय से यहां जोखिम के बीच रह रहा है, लेकिन आवास निर्माण पूरा नहीं होने के कारण उनके सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं है। गुरुवार को परिवार के सदस्य मंगल भवन में मौजूद थे। इसी दौरान अचानक छत का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरने लगा।
आकाश चौधरी का एक वर्षीय बच्चा उसी जगह के पास खेल रहा था। परिवार के एक सदस्य की नजर गिरते प्लास्टर और छत के हिस्से पर पड़ गई। उसने तत्काल बच्चे को वहां से खींचकर दूर किया। अचानक हुई इस घटना से परिवार के सदस्यों में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे को बचाने के दौरान उसे मामूली चोट आई, लेकिन समय रहते हटाए जाने के कारण वह मलबे की चपेट में आने से बच गया। घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल है। उनका कहना है कि भवन की जर्जर हालत को देखते हुए अब यहां रहना और भी ज्यादा खतरनाक हो गया है। परिवार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान का निर्माण शुरू होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही अपना पक्का घर तैयार हो जाएगा। लेकिन बकाया किश्त नहीं मिलने से निर्माण बीच में रुक गया। इसके चलते परिवार को मजबूरी में ऐसे भवन में रहना पड़ रहा है, जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। घटना के बाद परिवार ने प्रशासन से तत्काल मदद की मांग की है। उनका कहना है कि सबसे पहले रहने के लिए सुरक्षित व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों की जान को खतरा न रहे। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किश्त जल्द जारी की जाए, जिससे अधूरे मकान का निर्माण पूरा कराया जा सके। परिवार का कहना है कि यदि निर्माण के लिए आवश्यक राशि समय पर मिल जाती तो उन्हें जर्जर मंगल भवन में रहने की नौबत नहीं आती। अब छत गिरने की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चर्चा है। जर्जर सार्वजनिक भवन में परिवार के रहने और छत का हिस्सा गिरने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल परिवार प्रशासन से राहत, सुरक्षित आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना की बकाया किश्त जल्द जारी करने की उम्मीद लगाए बैठा है।
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