छत्तीसगढ़

जवानों को विस्फोट से निशाना बनाने की साजिश, दो आरोपियों को 10-10 साल की सजा

Shantanu Roy
9 Oct 2026 5:09 PM IST
जवानों को विस्फोट से निशाना बनाने की साजिश, दो आरोपियों को 10-10 साल की सजा
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Kanker. कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षा बलों के जवानों को विस्फोट के जरिए निशाना बनाने की साजिश के मामले में भानुप्रतापपुर की एनआईए विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में दोषी पाए गए दो आरोपियों सानू कोमरा और अर्जुन साहू को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर 2-2 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला अक्टूबर 2023 में सुरक्षा बलों की संयुक्त गश्त के दौरान सामने आया था। आरोपियों के कब्जे से डेटोनेटर समेत विस्फोटक सामग्री और अन्य सामान बरामद किया गया था।

2023 में गश्त के दौरान पकड़े गए थे आरोपी
मामला 28 अक्टूबर 2023 का है। उस दिन कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र में चिलपरस-नयापारा पहाड़ी के पास सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पुलिस की संयुक्त टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान जंगल के पास कुछ संदिग्ध लोग सुरक्षा बलों को देखकर भागने लगे। संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए जवानों ने घेराबंदी की और दो लोगों को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान सानू कोमरा (23) और अर्जुन साहू (22) के रूप में हुई। दोनों बेड़ापारा आलपरस, थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्र के निवासी बताए गए। आरोप था कि दोनों प्रतिबंधित माओवादी संगठन की जनमिलिशिया से जुड़े थे और सुरक्षा बलों के जवानों को विस्फोट के जरिए निशाना बनाने की साजिश में शामिल थे। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था।

तलाशी में मिले थे नौ डेटोनेटर
सुरक्षा बलों द्वारा की गई तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से कई संदिग्ध सामग्री बरामद की गई थी। इसमें नौ डेटोनेटर, तार का एक बंडल, एक स्विच और प्लास्टिक रस्सी के तीन बंडल शामिल थे। इसके अलावा छर्रों के दो पैकेट, करीब एक किलोग्राम लोहे के टुकड़े, दो पाइप और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया था। बरामद सामग्री को मामले की जांच में शामिल किया गया। इसके बाद पुलिस ने जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया।

गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित करने की पैरवी की। अदालत में प्रस्तुत सामग्री और सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश एनआईए दीपक के गुप्ता की अदालत ने सानू कोमरा और अर्जुन साहू को दोषी ठहराया। अदालत ने दोनों आरोपियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 2,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इस फैसले के साथ ही वर्ष 2023 में दर्ज इस मामले में न्यायिक निर्णय सामने आया है।

कांकेर जिले में नक्सल मामलों के तीन फैसले
कांकेर जिले में नक्सल अपराधों से जुड़े मामलों में अब तक तीन फैसले सामने आने की जानकारी दी गई है। इनमें दो मामले भानुप्रतापपुर न्यायालय और एक मामला कांकेर न्यायालय से संबंधित बताया गया है। इससे पहले सितंबर 2026 में कांकेर न्यायालय ने एसजेडसीएम प्रभाकर राव और उसकी पत्नी डीवीएम राजे कांगे से जुड़े मामले में फैसला सुनाया था। वहीं, 16 सितंबर 2026 को भानुप्रतापपुर की एनआईए अदालत ने नक्सली पोलूराम आंचला को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई थी।

अब 33 मामले लंबित
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में नक्सल अपराधों से जुड़े कुल 36 मामले लंबित थे। तीन मामलों में फैसला आने के बाद लंबित मामलों की संख्या घटकर 33 रह गई है। कांकेर जिले में नक्सल अपराधों से संबंधित मामलों की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। सुरक्षा बलों को विस्फोट के जरिए निशाना बनाने की साजिश से जुड़े इस मामले में दो आरोपियों को सुनाई गई सजा महत्वपूर्ण न्यायिक घटनाक्रम है। अदालत के फैसले के बाद जिले में लंबित अन्य मामलों की सुनवाई पर भी ध्यान बना हुआ है।
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