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छत्तीसगढ
Janjgir जांजगीर: जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती के साथ शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी विकास भारद्वाज को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 50,000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) मुकेश कुमार तिवारी ने इस कड़ी सजा का आदेश दिया। अतिरिक्त लोक अभियोजक (एफटीसी) योगेश गोपाल के अनुसार, मामले की शिकायत 14 सितंबर 2024 को पीड़िता ने दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि वह साल 2021 से आरोपी को जानती थी। आरोपी ने उसे प्यार और शादी का झांसा देकर 8 अक्टूबर 2021 को उसकी मर्जी के बिना पहली बार शारीरिक संबंध बनाए और इसके बाद लगातार शोषण करता रहा।
पीड़िता ने जब शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी ने 11 मई 2024 को 100 रुपए के स्टांप पेपर पर नोटरी करवाकर उसे पत्नी स्वीकार किया। इसके बाद वह 4-5 दिन के लिए उसे अपने घर बोरसी में रखा और फिर उसे वापस छोड़ दिया। आरोपी ने काम के बहाने बाहर जाने की बात कहते हुए पीड़िता को अकेला छोड़ दिया। पामगढ़ पुलिस ने इस शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (एन), 4, 506 और 323 के तहत मामला दर्ज किया। सहायक उपनिरीक्षक राम दुलार साहू द्वारा विवेचना पूरी कर आरोपी का चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने इस मामले में पीड़िता के बयान, साक्ष्य और पुलिस जांच को ध्यान में रखते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। इस सजा से यह संदेश मिलता है कि शादी का झांसा देकर शोषण करने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा।
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