छत्तीसगढ़

जिला अस्पताल में इलाज में लापरवाही से मरीज की मौत, परिजनों ने मचाया हंगामा

Shantanu Roy
18 Sept 2025 12:15 AM IST
जिला अस्पताल में इलाज में लापरवाही से मरीज की मौत, परिजनों ने मचाया हंगामा
x
छग
Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले के जिला अस्पताल में इलाज में लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसमें चूहा मारने की दवा खाने के बाद अस्पताल में भर्ती युवक की इंजेक्शन देने के बाद मौत हो गई। घटना से अस्पताल में हंगामा मच गया। परिजनों और मोहल्लेवालों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध किया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जानकारी के अनुसार, दुर्ग के सिद्धार्थनगर में रहने वाले 28 वर्षीय युवक प्रभात सूर्या ने मानसिक तनाव में आकर चूहा मारने की दवा खा ली थी। हालत बिगड़ने पर परिजन देर रात उसे जिला अस्पताल लेकर आए। अस्पताल में उपचार चलता रहा और डॉक्टरों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि युवक की हालत खतरे से बाहर है। पूरे परिवार और मोहल्लेवालों ने राहत की सांस ली थी और उसकी सकुशल घर वापसी का इंतजार कर रहे थे।
लेकिन बुधवार सुबह अचानक हालात बदतर हो गए। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों ने उल्टी कराने के लिए युवक को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही युवक की तबीयत और खराब हो गई। अस्पताल स्टाफ ने कुछ समय बाद युवक की मौत की सूचना दी, जिससे परिजन स्तब्ध रह गए। मृतक के भाई निखिल सूर्या ने आरोप लगाया कि यदि समय पर सही इलाज दिया जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हंगामे के दौरान अस्पताल में इलाज कराने आए अन्य मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्टाफ ने काम छोड़ दिया और ओपीडी में पर्ची कटाने के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाई और वरिष्ठ अधिकारियों से मदद ली।
इस बीच, अस्पताल में पूर्व विधायक अरुण वोरा भी पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम गठित कर दी है। अस्पताल स्टाफ से पूछताछ की जा रही है और इंजेक्शन लगाने की प्रक्रिया, दवाइयों की गुणवत्ता तथा डॉक्टरों की जिम्मेदारी पर जांच की जाएगी। मृतक के परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। वहीं अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अस्पताल की व्यवस्था में सुधार लाया जाएगा। यह घटना इलाज में लापरवाही के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता का विषय बन गई है। चिकित्सा सुविधाओं के बावजूद समय पर सही उपचार न मिलने से एक युवक की जान चली गई। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
Next Story