छत्तीसगढ़

स्कूल भवन की बदहाली पर पालकों का फूटा गुस्सा, तालाबंदी कर किया प्रदर्शन

Shantanu Roy
27 Aug 2026 9:14 PM IST
स्कूल भवन की बदहाली पर पालकों का फूटा गुस्सा, तालाबंदी कर किया प्रदर्शन
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छग
Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गोटूलमुंडाव गांव में स्कूल भवन की बदहाल स्थिति को लेकर पालकों का आक्रोश सामने आया। प्राथमिक और माध्यमिक शाला के नए भवन की मांग को लेकर गुरुवार को पालकों ने स्कूल में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। तालाबंदी के कारण स्कूल पहुंचे बच्चे अंदर प्रवेश नहीं कर सके और उन्हें स्कूल के गेट के सामने ही बैठकर पढ़ाई करनी पड़ी। पालकों का कहना है कि स्कूल भवनों की खराब स्थिति के कारण लंबे समय से बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद नए भवन के निर्माण की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शन के दौरान पालकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्कूल भवन की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
41 बच्चे कर रहे पढ़ाई
गोटूलमुंडाव गांव की प्राथमिक और माध्यमिक शाला में कुल 41 बच्चे अध्ययनरत हैं। इन बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल में पर्याप्त और सुरक्षित भवन नहीं होने का आरोप पालकों ने लगाया है। उनका कहना है कि मौजूदा भवनों की स्थिति लंबे समय से खराब है और बच्चों को अतिरिक्त कमरों में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है। पालकों ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा के लिए स्कूल भवन का निर्माण जरूरी है। जर्जर भवन में बच्चों को पढ़ाना किसी भी समय परेशानी का कारण बन सकता है। इसी समस्या को लेकर पालकों ने गुरुवार को स्कूल पहुंचकर तालाबंदी कर दी।
तीन साल पहले तोड़ी गई थी छत
जानकारी के मुताबिक, माध्यमिक शाला भवन की छत करीब तीन साल पहले नए सिरे से निर्माण कराने के उद्देश्य से तोड़ी गई थी। पालकों का आरोप है कि छत तोड़ने के बाद अब तक भवन का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अतिरिक्त कमरों में पढ़ाया जा रहा है। पालकों का कहना है कि तीन साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी भवन निर्माण पूरा नहीं होना जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। वहीं प्राथमिक शाला का भवन भी जर्जर हालत में बताया जा रहा है। पालकों ने दोनों स्कूलों के लिए नए और सुरक्षित भवन उपलब्ध कराने की मांग की है।
स्कूल गेट के सामने बैठकर पढ़े बच्चे
तालाबंदी के कारण स्कूल पहुंचे बच्चों को कक्षाओं में प्रवेश नहीं मिल सका। इसके बाद बच्चे स्कूल के मुख्य गेट के सामने ही बैठ गए और वहीं पढ़ाई करते नजर आए। बच्चों की इस स्थिति ने स्कूल भवन की समस्या को सामने ला दिया। पालकों ने कहा कि उनका विरोध बच्चों की पढ़ाई रोकने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए है। उनका कहना है कि जब तक भवन की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंचे
स्कूल में तालाबंदी और पालकों के विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। मामले की जानकारी मिलने पर मौके पर पुलिस टीम और तहसीलदार पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे पालकों से बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी ली। प्रशासन की मौजूदगी में पालकों ने अपनी समस्याएं और मांगें रखीं। पालकों की प्रमुख मांग स्कूल के नए भवनों का निर्माण जल्द शुरू कराना और बच्चों के लिए सुरक्षित पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
भवन निर्माण जल्द कराने की मांग
पालकों का कहना है कि स्कूल भवन बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से सीधे जुड़ा विषय है। इसलिए इस मामले को केवल निर्माण कार्य तक सीमित न रखते हुए बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। तीन साल से अधूरे पड़े माध्यमिक शाला भवन और जर्जर प्राथमिक शाला भवन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है। फिलहाल पालकों के विरोध के बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आ गया है।
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